बलरामपुर। मच्छरों से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली अगरबत्तियों को लेकर अब सावधान रहने की जरूरत है। जिले में स्लीपवेल और कम्फर्ट नाम से बिक रहीं कुछ मच्छर अगरबत्तियों पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। इनमें ऐसे रसायनों का इस्तेमाल पाया गया है जो अधिकृत नहीं हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी उपेंद्रनाथ खरवार ने बताया कि जांच में इन अगरबत्तियों में डाइमेफ्लूथ्रिन और मेपरफ्लूथ्रिन जैसे अपंजीकृत केमिकल पाए गए हैं। ये रसायन कीटनाशी अधिनियम के तहत अनुमन्य नहीं हैं, इसलिए इनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। अब बाजार, गोदाम, किराना दुकानों और पेस्ट कंट्रोल एजेंसियों पर छापा मारकर ऐसे उत्पादों को हटाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अपंजीकृत या अनियंत्रित रसायनों से बनी अगरबत्तियां सांस की दिक्कत, एलर्जी, आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए यह और भी जोखिमभरी हो सकती हैं। बताया कि बहुत तेज या अजीब तरह की गंध आने और निर्माता कंपनी का लाइसेंस नंबर अंकित न मिलने वाले उत्पाद उपभोक्ता न खरीदें। अपील की है कि केवल प्रमाणित और पंजीकृत उत्पाद ही खरीदें। बिना लेबल या संदिग्ध पैकेट वाली अगरबत्ती से बचें। बताया कि यदि कहीं भी इन प्रतिबंधित अगरबत्तियों का भंडारण या बिक्री पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जांच की जा रही है।