बलरामपुर। पशुओं में होने वाली लंपी रोग से बचाव के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं। इसके लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया जाए। कमांड सेंटर का नंबर प्रत्येक ग्राम पंचायतों में लिखवाया जाए। गोशलाओं में बेहतर चारे-पानी की व्यवस्था की जाए।
यह बातें शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित लंपी स्किन रोग से बचाव एवं रोकथाम तथा गोआश्रय स्थल प्रबंधन की समीक्षा बैठक करते हुए डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने कही। बैठक में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि लंपी डिजीज विषाणुजनित रोग है।
इसमें पशु को तेज बुखार, पैरो में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ आदि प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं। यह रोग संक्रमण से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए गोशाला व डेयरी में फिनायल, सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव करें। प्रभावित पशु को स्वस्थ पशु से अलग करें। इलाज के लिए निकटतम पशु चिकित्साधिकारी को सूचना दें।
डीएम ने निर्देश दिया कि बीमारी से बचाव एवं रोकथाम के लिए जिले में जागरुकता अभियान चलाया जाए। गोआश्रय स्थलों पर वृक्षारोपण कर पेड़ों को सुरक्षित करने के लिए ट्रीगार्ड लगाया जाए। गोवंश भरण पोषण धनराशि का अग्रिम भुगतान किया जाए।
गोशाला में हरा चारा, पेयजल, पौष्टिक आहार व भूसा आदि का बेहतर इंतजाम किया जाए। बैठक में सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, एडीएम राम अभिलाष, डीडीओ गिरीश चंद्र पाठक व उपायुक्त मनरेगा सूबेदार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।