बलरामपुर। रोडवेज बसों की आय बढ़ाने के लिए चालक -परिचालकों को अब मेहनत करना पड़ेगी। ठंड बढ़ने और सहालग सीजन के बंद होने के बाद यात्रियों की संख्या घटी है। इससे होने वाले परिचालन खर्च को कम करने के लिए रोडवेज बसों में लोड फैक्टर पर विशेषतौर से ध्यान रखा जाएगा। घाटे से बचने के लिए ही परिवहन विभाग ने अब किसी भी बस के संचालन के लिए न्यून्तम 20 सवारियों की संख्या तय की है। इससे कम यात्री होने पर बसों का संचालन नहीं होगा।
डिपो की बसों में औसतन पांच से सात हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। सहालगों के बंद होने और ठंड बढ़ने के साथ ही यात्रियों की संख्या कम हुई है। अभी औसतन चार हजार के करीब यात्री बसों में सफर कर रहे हैं। यात्रियों को बसों में सफर कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाने के साथ ही यात्री सुविधाओं को बेहतर रखने की हिदायत एआरएम ने दी है। बीते दिनों बसों का निरीक्षण कर ठंड से बचाव के इंतजाम पर भी जोर दिया गया था। इसके तहत किसी भी बस के शीशे टूटे होने या फिर खुले होने पर चालक व परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। एआरएम वीके वर्मा ने बताया कि निगम के निर्देश के अनुसार रोडवेड बसों में लोड फैक्टर बढ़ाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि राजस्व के नुकसान को रोका जा सके।