बलरामपुर। बाबागंज से रेहरा बाजार तक एफडीआर तकनीक से बन रही सड़क का मुख्य विकास अधिकारी संजीव कुमार मौर्य ने निरीक्षण किया। सीडीओ ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कोई कमी बर्दाश्त न होने की चेतावनी दी। साथ ही कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य को तय समयावधि में पूरा कराया जाए।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा बाबागंज से रेहरा बाजार तक सड़क का निर्माण एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीकी से कराया जा रहा है। इस तकनीक में सीमेंट में एक विशेष प्रकार के केमिकल को मिलाकर एक पर्त बिछाई जाती है। इससे लंबे समय तक सड़क की गुणवत्ता खराब नहीं होती है। 5.7 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता कमल किशोर ने बताया कि एफडीआर तकनीक में पुरानी रोड का उच्चीकरण किया जाता है। इसमें मशीन से सीमेंट व अन्य पदार्थों को मिलाकर घोल तैयार कर सड़क निर्माण किया जाता है। इस तकनीक से जहां कम लागत में सड़क बनेगी वहीं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी यह तकनीक कारगर होगी।