बलरामपुर। खलीलाबाद से बलरामपुर होते हुए बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाने का कार्य अब तेजी पकड़ेगा। रेल परियोजना को शीघ्र पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार की पहल से जिले के 55 गांवों में भूमि अधिग्रहण के कार्य में आने वाली बाधा दूर हो गई। बीते पांच सालों से परियोजना का कार्य सर्वे में हो रही देरी के कारण अटका था। इस परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने अब इस रेल परियोजना को विशेष प्रोजेक्ट का दर्जा देने का निर्णय किया है। इससे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले किए जाने वाले सामाजिक समाघात के सर्वे से छूट मिलेगी।
इस रेल परियोजना की स्वीकृति साल 2018 में हुई थी। 240 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने के लिए 4940 करोड़ का बजट भी निर्धारित हो चुका है। साल 2026 तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों को पूरा किया जाना है। अभी तक सिर्फ खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन बिछाने के लिए ही भूमि अधिग्रहण का कार्य हुआ है। अब बांसी से बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच में भी प्रोजेक्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण जल्दी हो सकेगा। केंद्र सरकार के फैसले से अधिग्रहण की कार्रवाई बिना सामाजिक समाघात का सर्वे किए बिना ही पूरी हो सकेगी।
सामाजिक समाघात में सभी 55 गांवों के लोगों को होने वाले नुकसान और फायदे का सर्वे किया जाना था। इस दौरान आम लोगों की राय जुटाने में काफी समय लग जाने से प्रोजेक्ट कार्य में देरी होना तय था। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सेटेलाइट से रेल लाइन के सर्वे के साथ ही पहले चरण का कार्य भी पूरा हो चुका है । अब दूसरे चरण का कार्य शुरू हो सकेगा। इसमें बांसी से बलरामपुर शामिल है।
खलीलाबाद-बहराइच के रेलमार्ग में कुल 32 स्टेशन बनेंगे। इसमें 4 जंक्शन, 16 क्रासिंग और 12 हाल्ट स्टेशन होंगे। इससे बलरामपुर जिले में बलरामपुर व झारखंडी स्टेशन को जंक्शन बनाने के साथ ही हसुवाडोल, खगई जाेत, महेशभारी, श्रीदत्तगंज, कपौवा शेरपुर, उतरौला, चिरकुटिहा, बंजरहा में नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। बलरामपुर व झारखंडी रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने से एक साथ तीन ट्रेन यहां से गुजर सकेंगी।
अभी तक बलरामपुर जिलें में गोडा- बलरामपुर - गोरखपुर रेल मार्ग है। जो बलरामपुर, झारखंडी, कौवापुर, तुलसीपुर से बढ़नी होते हुए गोरखपुर गया है। इस कारण बहराइच, श्रावस्ती की ओर से कोई रेल लाइन नहीं थी। संतकबीरनगर, बस्ती व सिद्धार्थ नगर जिले की बांसी व डुमरियागंज तहसील के लिए भी रेल लाइन नहीं थी। नई रेल लाइन से जिले के साथ ही सिद्धार्थ नगर, बस्ती, संतकबीरनगर, बहराइच व श्रावस्ती के लिए लोगों को भी सीधी रेल सेवा की सुविधा मिल सकेगी।
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