बलरामपुर। मिशन 2024 से पहले हो रहे निकाय चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। हर नेता अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए गलियों की खाक छान रहा है। एक-एक वार्ड का गणित निकाला जा रहा है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क कर चुनावी फिजा को अपने पक्ष में करने की कसरत चल रही है।
जिले की पांचों निकायों में भाजपा ने प्रत्याशी उतारे हैं। इनके समर्थन में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभा कर चुके हैं। स्थानीय नेता समीकरण बनाने में लगे हुए हैं।चुनाव में पूर्व सांसद द्ददन मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी के साथ ही विधायक पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, कैलाश नाथ शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू की साख दांव पर लगी हुई है।
बलरामपुर नगर पालिका परिषद में बीते चुनाव में बसपा ने जीत हासिल की थी। इस बार बसपा के समक्ष यह सीट बचाने की चुनौती है। ऐसे में श्रावस्ती के सांसद राम शिरोमणि वर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। बसपा ने उतरौला, गैसड़ी व तुलसीपुर में भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। पचपेड़वा में बसपा ने कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है।
सपा ने चार सीटों पर प्रत्याशी उतारा है। उतरौला में पार्टी प्रत्याशी का पर्चा निरस्त होने के बाद निर्दलीय दावेदार को समर्थन दिया है। निकाय चुनाव में गैसड़ी विधायक पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
कांग्रेस ने पांच में से चार निकायों में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। तुलसीपुर में कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं है। पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह व जिलाध्यक्ष अनुज सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।