फोटो-24-बलरामपुर के गोंडा रोड पर विचरण करते छुट्टा मवेशी ।-संवाद
बलरामपुर। छुट्टा गोवंश की समस्या से परेशान जिले के किसानों और राहगीरों के लिए राहत की खबर है। जिले में दो नए गो-संरक्षण केंद्र बनाए जाएंगे। इनके निर्माण के लिए तीन करोड़ 20 लाख 24 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। केंद्र बनने के बाद सड़कों और खेतों में घूमने वाले निराश्रित गोवंश को सुरक्षित ठिकाना मिल सकेगा। इससे किसानों को फसल बचाने के लिए लगातार खेतों की रखवाली करने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचते हैं। वहीं, सड़कों पर इनके झुंड से राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। नए गो-संरक्षण केंद्र बनने से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है। शासन के संयुक्त सचिव अशोक कुमार यादव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में दो नए गो-संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए तीन करोड़ 20 लाख 24 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुसार कराया जाएगा। संबंधित कार्यदायी संस्था को आवश्यकता के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। पहले जारी रकम का 75 प्रतिशत उपयोग होने के बाद अगले चरण के लिए आवश्यक धनराशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी। केंद्रों का निर्माण समय से पूरा कराने और इनके संचालन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी। नए केंद्रों के तैयार होने से निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने के साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।