बलरामपुर। करोड़ों रुपये राजस्व देने वाले टैक्सी व बस स्टैंड बदहाली के शिकार हैं। शहर में तय स्टैंडों से वाहनों का संचालन नहीं किया जाता है। जिन स्थानों पर स्टैंड बनाए गए हैं, वहां यात्री सुविधाएं नदारद हैं। न तो यात्रियों के लिए बैठने का स्थान है और न ही पीने के लिए साफ पानी।
शहर के तुलसीपुर, गोंडा, उतरौला व बहराइच मार्ग पर प्रतिदिन तीन से चार हजार यात्री प्राइवेट वाहनों से यात्रा करते हैं। गोंडा व उतरौला जाने के लिए सुआंव पुल के पास, बहराइच जाने के लिए पीपल तिराहा तथा तुलसीपुर जाने के लिए मेजर चौराहे के पास टैक्सी स्टैंड स्थल निर्धारित किया गया है। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से इन मार्गों पर स्टैंड तो बना दिए गए हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है।
वाहनों की पार्किंग के लिए जगह न होने से वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं। धूप और बारिश में यात्रियों को जमीन पर बैठकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। आबर बस स्टैंड पर बने यात्री शेड अतिक्रमण का शिकार हैं। शेड में दुकान का संचालन किया जाता है। यात्री सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं। एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर ने कहा कि नगर में निर्धारित किए गए टैक्सी स्टैंड से ही वाहनों का संचालन कराने का निर्देश दिया गया है।
फुटपाथ बने टैक्सी स्टैंड, सुविधाएं नदारद
भगवतीगंज निवासी गंगा शर्मा का कहना है कि टैक्सी स्टैंड पर कहीं टिन शेड तो कहीं पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अगर किसी यात्री को स्टैंड पर थोड़ी देर तक वाहन का इंतजार करना है तो उसे दुकानों में वक्त गुजारना पड़ता है। तुलसीपार्क निवासी रमेश पांडेय का कहना है कि सिर्फ टैक्स के नाम पर शुल्क की वसूली तो की जाती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर वाहन स्टैंडों पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नगर पालिका को इन स्टैंडों की नीलामी से करोड़ों रुपये आय होती है। पहलवारा निवासी अशोक पांडेय का कहना है कि मेजर चौराहे के पास सड़क पर ही वाहन खड़े करके सवारियां भरने से आए दिन जाम की समस्या बन जाती है। इस तरह न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही जनप्रतिनिधि।
देव कुमार मिश्र का कहना है कि सुआंव पुल के पास टैक्सी स्टैंड का बोर्ड तो लगा दिया गया, लेकिन यहां से वाहनों का संचालन नहीं किया जा रहा है। वीर विनय चौराहे के पास टैक्सी सवारी बैठाती हैं, जिससे आए दिन लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।