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Balrampur News: घटने लगा राप्ती का जलस्तर, कटान ने बढ़ाई परेशानी

Fri, 08 Aug 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर के लालनगर विरदा गांव के पास पहुंची राप्ती नदी।
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बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे से घटने लगा है। पानी घटने की रफ्तार काफी धीमी है, लेकिन अब कटान की समस्या उत्पन्न हो गई है। नदी के तटीय इलाकों में बसे 110 ग्राम पंचायतोंं में नोडल अफसरों की टीम तैनात कर दी गई है। सभी टीमों को राप्ती नदी की बाढ़ व कटान पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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नेपाल से पानी छोड़े जाने व बारिश के कारण राप्ती नदी में उफान आ गया। बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे राप्ती का जलस्तर 104.350 मीटर रिकाॅर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से सिर्फ 27 सेंटीमीटर नीचे रहा। हालांकि इसके बाद राप्ती का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटने लगा। दोपहर तीन बजे तक राप्ती का जलस्तर घटकर 104.340 मीटर पहुंच गया।
जलस्तर घटने से राप्ती में कटान तेज हो गया है। राप्ती नदी के तटीय इलाकों में सदर तहसील के 59, तुलसीपुर के 21 व उतरौला के 30 गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। सदर तहसील के ग्राम लालपुर फगुइया, चौका कला, गंगाबक्श भागड़, टेंगनहिया मानकोट, सेमरहना, जबदही, कलंदरपुर, लालाजोत व बेला, तुलसीपुर तहसील के महरी व मिश्रौलिया और उतरौला तहसील के मस्जिदिया, मलमलिया, चिचुड़ी सहंगिया, टेढ़वा तप्पाबांक, परसौना, नंदौरी, महुआधनी, मटियरिया कर्मा, बारम, बायभीट, मझारी बाछिल, मनियरिया, कपौवा, शेरपुर व अल्ली बुजुर्ग आदि गांवों में बाढ़ घटने से राप्ती में कटान तेज हो जाएगा।
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बलदेव, मनोज, सलमान व दीपक ने बताया कि कई गांव राप्ती की कटान की जद में हैं। खेतों के कटने से धान सहित खरीफ की फसलों का नुकसान हो रहा है। कुछ गांवों में लोगों के घर भी राप्ती की कटान की जद में हैं।

एसडीएम ने किया निरीक्षण
उतरौला (बलरामपुर)। राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों के सड़कों पर पानी आ गया है। एसडीएम उतरौला अभय कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को लालनगर, विरदाबनिया भारी व अन्य तटवर्ती गांवाें का निरीक्षण कर कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ग्राम मटयारिया कर्मा, लालनगर, विरदाबनिया भारी, मिलौली बाघाजोत व रुस्तमनगर में रास्तों पर बाढ़ का पानी बह रहा है। लालानगर गांव में राप्ती नदी के मुहाने पर बसे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण राजा, शादाब व अफजल ने बताया कि नदी का जलस्तर स्थिर है। नदी का पानी कम होते ही कटान शुरू हो जाएगा। हर बार गांव को बचाने वाले बंबूकैरेट बनाए जाते हैं, लेकिन कटान वाले स्थानों पर नहीं लगाए जाते हैं।

कलस्टर बनाकर की जा रही निगरानी
कलस्टर बनाकर राप्ती नदी की बाढ़ व कटान की निगरानी कराई जा रही है। सदर तहसील में 13, तुलसीपुर में चार व उतरौला में छह कलस्टर बनाए गए हैं। हर कलस्टर में नोडल अधिकारी की टीम तैनात कर दी गई है। नोडल अधिकारियों की टीम बाढ़ के दौरान प्रभावितों को सभी प्रकार की मदद मुहैया कराएगी।
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- प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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