बलरामपुर। रविवार सुबह से ही धूप निकलने व बारिश थमने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर थम गया है। दो दिनों से बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 47 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। रविवार को शाम चार बजे तक राप्ती का जलस्तर 104.09 सेंटीमीटर रहा।
स्किल्ड वर्क असिस्टेंट राम कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर भारी बारिश और नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण रविवार सुबह तक राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। पहाड़ों पर बारिश थमने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर भी थमने लगा है। सुबह आठ बजे से लेकर शाम चार बजे तक राप्ती नदी का जलस्तर 104.090 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। आठ घंटों में राप्ती नदी के जलस्तर में कोई वृद्धि नहीं हुई है। चेतावनी बिंदु से 47 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर राप्ती नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है।
जलस्तर थमने से राप्ती नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा भले ही टल गया हो लेकिन ग्रामीणों को कटान की आशंका सताने लगी है। कटान की आशंका को देखते हुए बाढ़ खंड की तरफ से परसौना, करमहना भोजपुर, नौबस्ता, रजवापुर, भोजपुर, शाहपुर, जैनुका व नयनसुखवा आदि गांवों में कटानरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कटानरोधी कार्य में तेजी लाए जाने की मांग की है।
जिला आपदा प्रभारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले के तीनों तहसीलों में राप्ती व पहाड़ी नालों के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में नावों का इंतजाम करा दिया गया है। राप्ती नदी के तटवर्ती गांवों में कटान रोकने के लिए कटानरोधक कार्य कराए जाने के निर्देश बाढ़ खंड के अधिकारियों को दिए गए हैं।