फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: बेला गांव से सिर्फ 50 मीटर दूरी पर बह रही राप्ती नदी

विज्ञापन
-बलरामपुर के बेला गांव के पास की वर्तमान ​स्थिति।-संवाद
विज्ञापन
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। सदर तहसील स्थित बेला गांव के 10 किसानों की 50 बीघे जमीन पिछले वर्ष राप्ती नदी के कटान में समा गई थी। गांव से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर राप्ती नदी बह रही है। गांव के 80 घरों पर कटान का संकट गहराया है। बरसात से पहले राप्ती नदी के किनारे कटानरोधी कार्य न होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ेगी।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत बेला के प्रधान प्रतिनिधि उमेश यादव बताते हैं कि पिछले वर्ष राप्ती नदी कटान करके गांव के पास पहुंच गई है। विजय राज का 10 बीघे, रामनरेश का 10 बीघे, उदयचंद का दो बीघे, उदय भान का तीन बीघे, रईस का तीन बीघे, भगत राम का चार बीघे, उमानाथ की चार बीघे, शफीक की चार बीघे और अलाउद्दीन की तीन बीघे जमीन राप्ती नदी कटान करके निगल चुकी है। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो गांव के 80 से अधिक घरों पर कटान का संकट गहराएगा। (संवाद)


प्रदर्शन के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
ग्राम प्रधान मीनाक्षी ने बताया कि 10 जुलाई 2023 काे ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके बेला गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने की मांग की थी। दो जुलाई 2024 को भी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के साथ उमेश यादव, राम नरेश, अजय कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन, उदयभान, ओमकार, अर्जुन, राम रतन, बलकरन, संतोष कुमार व त्रिभुवन आदि ने बेला गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि तमाम मांग के बाद भी बेला गांव के पास अभी तक कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया है। यदि बरसात से पहले बेला गांव के पास कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो बेला गांव का अस्तित्व राप्ती नदी में विलीन हो जाएगा।
विज्ञापन


बरसात से पहले कटानरोधी कार्य कराने के निर्देश
जिले में राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को बरसात शुरू होने से पहले कटानरोधी कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि काम में लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें