बलरामपुर। प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी राप्ती नदी की कटान का कहर नहीं थम रहा है। कटानरोधी कार्य कागजी साबित हो रहे हैं। किसानों की बेशकीमती जमीनें नदी की धारा में समा रही हैं। कटान के कहर से प्रभावित पीड़ितों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है। बेशकीमती जमीनों के नदी की धारा में विलीन हो जाने से किसान कंगाल हो गए हैं। किसानों ने कटान से होने वाले नुकसान का आकलन कराकर शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
किसान शिवकुमार, बलदेव, शिवप्रसाद, रक्षाराम, मनोहर, सोमई, विजय कुमार, रामधन, सुमिरन, मोल्हू, केशव व कल्लू आदि ने बताया कि सदर तहसील के लालपुर फगुइया गांव के पास राप्ती नदी ने तीन दर्जन किसानों के घरों व जमीन को निगल लिया है। कल्यानपुर गांव में प्राथमिक स्कूल का एक चौथाई भवन भी राप्ती नदी में समा चुका है। कल्यानपुर गांव में 60 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं।
इसी तरह सदर व उतरौला तहसीलों के कठौव्वा, कोड़री, काशीपुर, बेलहा, दतरंगवा, तुरकौलिया, रेहार, कटरा शंकरनगर, दुल्हापुर, बल्लीपुर, भीखमपुर, लखमा, चरनगहिया, जमालीजोत, लालजोत, मझारी बाछिल, गोनकोट, बाघाजोत, फत्तेजोत, चंदापुर, परसौना, भरवलिया व बौड़िहार सहित 36 से अधिक गांवों में राप्ती नदी की कटान का कहर जारी है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि तीनों तहसीलों के एसडीएम व बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ कटानरोधी कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। कल्यानपुर गांव के स्कूल भवन को बचा लिया गया है। उतरौला व बलरामपुर तहसील स्थित भड़रिया तटबंध पर बंबू क्रेट व नायलान क्रेट में मिट्टी भरी बोरियां रखकर कटान को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। सुरहिया देवर व लालनगर गांव के करीब तीन सौ घरों को बचाने में अधिकारी जुटे हुए हैं। सभी के मकान सुरक्षित हैं। बेलहा चरनगहिया तटबंध पर मरम्मत कार्य कराकर लालाजोत गांव को कटान से सुरक्षा प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि ग्राम महरी में राप्ती नदी कटान कर रही है। यहां भी कटान नियंत्रित करने के लिए कार्य शुरू किया गया है। ग्राम परसौना, इमिलिया खादर तटबंध व भोजपुर शाहपुर तटबंध पर भी कटानरोधी कार्य कराए गए हैं। तुलसीपुर तहसील में इमिलिया खादर तटबंध पर ग्राम मधवानगर खादर, बरगदवा, सोहना व फरहुआके पास कटान रोधी कार्य किए जा रहे हैं। राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को कटान प्रभावित गांवों में उपस्थित रहकर समस्या पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।