बलरामपुर। जल शक्ति मंत्री के मंगलवार को दौरे के दौरान बाढ़ खंड के अफसरों ने चरनगहिया बांध का उन्हें निरीक्षण कराकर सब कुछ ऑल इज वेल बता दिया। मंत्री भी अधिकारियों की बातों में आ गए और निर्देश देकर लौट गये। आलम ये है कि उनके निरीक्षण से मात्र 100 मीटर आगे राप्ती नदी लालाजोत गांव के किनारे भीषण कटान कर रही है। बुधवार को नदी के कटान वाले इलाके में बाढ़ खंड का कोई अफसर नहीं दिखा और न ही वहां कटान रोकने का कोई काम ही होता दिखा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अफसर कागजी घोड़े दौड़ाकर शासन को गुमराह कर रहे हैं।
विदित हो कि प्रदेश सरकार ने जिले में कटान रोकने तथा तटबंधों के अधूरे कार्य पूरे कराने के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 22 करोड़ 65 लाख रुपये की परियोजनाएं मंजूर की हैं। इसमें गोनकोट, परसौहना, परसोहिया, सहिबानगर, बेलहा चरनगहिया, टेंगनहिया मानकोट, कल्यानपुर, सदानंद नौबस्ता, ज्योनार व इमिलिया खादर में क्षतिग्रस्त तटबंधों का पुनर्निर्माण, मरम्मत व कटान रोकने का काम कराया जाना है। मंगलवार को प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने चरनगहिया गांव के पास करीब छह करोड़ रुपये की लागत से कटान निरोधक कार्य का निरीक्षण किया था।
उनके निरीक्षण स्थल से करीब 100 मीटर आगे लालाजोत गांव के पास राप्ती नदी भीषण कटान कर रही है। किसानों की जमीन व बाग नदी में समाहित हो रहे हैं। क्षेत्रवासी रमेश कुमार, मंजेश, नंदलाल, दिनेश, छोटू, दुर्गेश, तेजे, सुरेश आदि का कहना है कि चरनगहिया गांव के पास बांध पहले से बना हुआ था। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने मंत्री के आने के दौरान बोरियों में बालू भरकर बांध के आसपास डलवाकर कोरम पूरा कर लिया। क्षेत्रवासियों को मंत्री से मिलने नहीं दिया गया।
बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता अवनीश साहू ने मंत्री को बताया कि इस कार्य से 55 हजार की आबादी सुरक्षित हो गई है जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। क्षेत्रवासी मंत्री को लालाजोत गांव के पास हो रही कटान दिखाना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने लोगों को मंत्री तक पहुंचने ही नहीं दिया। इन लोगों का कहना है कि बाढ़ खंड द्वारा किए जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नदी की कटान वाले इलाके में कटान निरोधक कार्य तत्काल कराए जाएं ताकि लोगों की जमीन नदी में समाहित होने से बचाई जा सके।
जिले में तटबंधों की मरम्मत में तेजी लाने तथा राप्ती नदी की कटान रोकने संबंधित सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश बाढ़ खंड के अफसरों को दिया गया है। कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कटान रोकने के सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
-एके शुक्ल, एडीएम/आपदा अधिकारी बलरामपुर