बलरामपुर। निर्माणाधीन गैड़ास बुजुर्ग थाना भवन के बाहर विवादित भूमि पर पुलिस संरक्षण में हुए पिलर का निर्माण देख राम बुझारत सहम गया था। पुलिस की इसी दबंगई से उसे अपनी पुश्तैनी जमीन अवैध कब्जेदारी में चले जाने डर भी सताने लगा था। इसी से आहत व क्षुब्ध होकर राम बुझारत ने आत्मदाह करने का रास्ता चुना। इस मामले में डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेट जांच शुरू करते हुए थानाध्यक्ष के साथ ही कार्यदाई संस्था से जुड़े अधिकारियों और पीडित परिजनों के बयान दर्ज किए हैं।
दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर पुलिस का खेल सभी के बीच चर्चा बना है। थाना भवन का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था पुलिस आवास विकास निगम के अफसरों की मानें तो थानाध्यक्ष ने फोन करके पहले भी पिलर लगाने की बात की थी। लेकिन थाना भवन के ले- आउट से बाहर निर्माण का अधिकार न होने के कारण संस्था ने इससे इंकार कर दिया था। इसके बावजूद विवादित जमीन पर पिलर का निर्माण कैसे हो गया, यह सवाल पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को परेशान कर रहा है।
कार्यदाई संस्था के एक्सईन राजीव ने कहा कि थाना भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। थाना भवन के लिए आवंटित जमीन से पिलर का निर्माण होने की जानकारी उन्हें नही है। इससे इस पूरे मामले में थानाध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
अपने स्वामित्व की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को रोकने की सुनवाई न होने से राम बुझारत पुलिस व प्रशासन से पूरी तरह नाउम्मीद हो चुका था। इसी कारण उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ आत्मदाह करने की कोशिश की। पीड़ित की माता विमला व भाई का कहना है कि उसके प्रार्थना पत्र के बाद भी थानाध्यक्ष गेंडास बुजुर्ग ने न तो पिलर का निर्माण कार्य रुकवाया और न ही कोई जांच पड़ताल की। सवाल है कि अगर निर्माण सही तरह से हो रहा था, तो इसके लिए छुट्टी का दिन ही क्यों चुना गया।
आत्मदाह से झुलसे युवक का इलाज कराने में पूरा प्रशासनिक अमला जुटा है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने इसकी निगरानी के लिए एक एसडीएम व एक एसीएमओ को लखनऊ भेजा है। यह दोनों अधिकारी लखनऊ में ही प्रवास कर इलाज कार्य की निगरानी कर रहे हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी दो निरीक्षक की अगुवाई में पुलिस कर्मियों की टीम भर्ती ृयुवक की निगरानी में लगाई है। डीएम अरविंद व एसपी केशव कुमार का कहना है कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच हो रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय होगी।