फोटो-40,41-बलरामपुर के परिषदीय विद्यालय में पोस्टर दिखाते विद्यार्थी ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभावों, उसके सुरक्षित निस्तारण और पुनर्चक्रण के बारे में जानकारी दी गई। चित्रकला, पोस्टर और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय ललिया में शिक्षिका श्यामली गौतम की ओर से ईको क्लब के तहत ई-कचरा प्रबंधन कार्यक्रम और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों को बताया गया कि अनुपयोगी मोबाइल फोन, बैटरी, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुले में फेंकने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। ऐसे में इनका सुरक्षित निस्तारण जरूरी है। चित्रकला प्रतियोगिता में अनिकेत पटवा ने प्रथम, अर्पित कुमार यादव ने द्वितीय तथा अर्चिता देवी और दिव्या ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्यामली गौतम ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय इमिलिया में प्रधानाध्यापक सीमा जायसवाल और सहायक अध्यापक रेशू पांडेय ने विद्यार्थियों को कचरे के पृथक्करण और चार प्रकार के कूड़ेदानों के उपयोग की जानकारी दी। पोस्टर प्रतियोगिता में मनीष ने प्रथम, सुनैना ने द्वितीय और सरोज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में जयंत ने पहला, राजिया ने दूसरा और संगम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
आदर्श कंपोजिट विद्यालय नगर में भी ई-कचरा अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन के तरीके बताए गए। विद्यार्थियों को खराब कंप्यूटर उपकरणों और अन्य ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया।
कंपोजिट विद्यालय बभनपुरवा में विशेष अभियान के तहत ई-कचरा संग्रह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कुल 30 अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं एकत्र की गईं। वहीं, कंपोजिट विद्यालय बसावन बनकट में शिक्षक सतीश सिंह के निर्देशन में प्रार्थना सभा के दौरान विभिन्न गतिविधियों और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से बच्चों को कचरा प्रबंधन की जानकारी दी गई।
शिक्षकों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उचित निस्तारण और उपयोगी सामग्री का पुनर्चक्रण पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। बच्चों में जागरूकता बढ़ाकर ई-कचरे से होने वाले प्रदूषण की समस्या को कम किया जा सकता है।