अधिकारियों को पीड़ा सुनाते किसान।
बलरामपुर। बेमौसम बारिश और जलभराव ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लहलहाती फसल अब सड़ने लगी है। सोमवार को हालात से परेशान अड़ार पाकड़ गांव के किसान अपनी बर्बाद फसल की गुहार लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसान अब सिर्फ उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन उनकी बात सुने और उन्हें राहत मिले।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने पूर्व में तहसीलों से 33 फीसदी कम के नुकसान की रिपोर्ट खारिज कर दी। तहसीलों को फिर से सर्वे करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहाकि फसल नुकसान का गलत सर्वे बर्दाश्त नहीं होगा। कलेक्ट्रेट पहुंचे अड़ार पाकड़ गांव के किसान महेश पांडेय ने बताया कि छह बीघा खेत में धान की फसल तैयार थी। फसल की बोआई से लेकर कटाई तक करीब 30 हजार रुपये का खर्च आया था, लेकिन बारिश और जलभराव से सारी मेहनत मिट्टी में मिल गई। उन्होंने कहा कि कटाई के बाद रखी फसल अंकुरित हो गई है। अब खाने लायक नहीं बची। किसानों ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भरा है, जिससे कटी और खड़ी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं।
गांव के अगनू मिश्र, स्वामीनाथ, काली प्रसाद तिवारी सहित कई किसानों ने डीएम से फसल क्षति का सही सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की। किसानों की पीड़ा सुनने के बाद जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने सभी तहसीलदारों को तत्काल सर्वे कर नुकसान का वास्तविक आकलन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित किसान का नाम सर्वे से छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए राजस्व अधिकारी और लेखपालों को गांव-गांव जाकर फसल क्षति का सत्यापन करने को कहा गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में लापरवाही या गलत जानकारी मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।