बलरामपुर। 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश अब लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़कों पर सैलाब दिख रहा है। घरों में बारिश का पानी घुस गया है। तेज हवाओं के बीच हुई बारिश से गन्ने व हरी सब्जी की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। पहाड़ी नालों की बाढ़ से सड़कों पर पानी बह रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। बाढ़ की आशंका से प्रशासन सतर्क हो गया है।
भारी बारिश के चलते शहर से लेकर गांव तक जनजीवन बेहाल हो गया है। बलरामपुर शहर के साथ-साथ अन्य शहरों की सरकारों ने नाला व नाली सफाई कर बारिश के पूर्व जो तैयारी की थी वह पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रही है। बलरामपुर नगर के तुलसीपार्क, नईबस्ती, अलीजानपुरवा, गदुरहवा, निबकोनी, झंझरा, पूरबटोला तथा चिकनी आदि मोहल्ले में बारिश का पानी लोगों के घरों में भर गया।
पानी निकालने के लिए लोगों को घंटो मशक्कत करनी पड़ी। उतरौला, तुलसीपुर तथा पचपेड़वा नगर में भी दिखा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर पानी का सैलाब दिख रहा है। महराजगंज तराई के ग्राम बदलपुर में सुखदेव के मकान की मिट्टी की दीवार बारिश के बीच भरभराकर ढह गई।
बारिश से गन्ने की खड़ी फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है। गन्ने की गिरी हुई फसल को चूहे व अन्य जानवर नुकसान पहुंचाते हैं। इसी तरह लौकी, तरोई, परवल, करेला, भिंडी, सिंघाड़ा, गोभी तथा मक्के की फसल को जलभराव से भारी नुकसान हुआ है। सब्जी किसान रामस्नेही तथा अशफाक ने बताया कि जलभराव के चलते हरी सब्जी की फसल सूख जाएगी।
पिछले 72 घंटे से जिले के साथ नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते पहाड़ी नाला खरझार, हेंगहा, जमधरा, कचनी, फोहरी, गौरिया, नकटी तथा भांभड़ आदि पहाड़ी नाले में उफान आ गया है। मथुरा-सिकटिहवा मोड़ से लालपुर चौराहा होकर कमदी गांव के पास सड़क पर हेंगहा नाले के उफान का पानी बह रहा है। पानी के बहाव से सड़कें कटकर बह रही हैं। खरझार नाले ंकी बाढ़ से साहबनगर डिप पर बाढ़ का पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है।
बरगदही, किठुरा, शांतिनगर, हरिहरनगर, रूपनगर जाने वाली सड़क पर आवागमन अवरूद्घ हो गया है। बरगदही गांव के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद है। इस गांव के ग्रामीणों ने डीएम से बाढ़ राहत केंद्र संचालित कराए जाने की मांग की है। प्रशासन ने बरगदही गांव में नाव भेजकर राजस्व की टीम तैनात कर दी है।
नेपाल में हो रही भारी बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर 5 सेमी प्रति घंटे की स्पीड से बढ़ रही है। शुक्रवार शाम नदी का जलस्तर 102.880 मीटर था। हलांकि अभी यह खतरे के निशान से एक मीटर 74 सेमी नीचे है।
लगातार हो रही बारिश के बीच डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि गहरे स्थानों, नदी-नालो, नहरों, तालाब, डैम व कुंए आदि में जाने से बचें। पुराने जर्जर भवन में निवास न करें। खराब मौसम में यदि बहुत जरूरी न हो तो घर से न निकलें। छोटी नदियों व पहाड़ी नालों से दूर रहें।
बारिश के बीच बिजली से बचाव के लिए दामिनी ऐप का उपयोग करें। पशुपालक अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें। सांप अथवा जहरीले जंतु के काटने पर तुरंत अस्पताल जाएं। भूमिगत सुविधा केंद्रों से हट जाएं। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन सावधानी से चलाएं।