फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: झोलाझाप पर लगे अंकुश, अस्पतालों में हो सुधार

Sat, 04 May 2024 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। दीवानी न्यायालय बार संघ कक्ष में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में अधिवक्ता व शिक्षक सहित प्रबुद्धजनों ने जहां अभियान को सराहा, वहीं स्वास्थ्य संबंधी समस्या से निजात पाने के लिए सुझाव भी दिए। अधिकांश लोगों ने अवैध अस्पताल व झोलाछाप पर अंकुश लगाने से पहले सरकारी अस्पतालों को चिकित्सक व संसाधनों से लैस करने का सुझाव दिया।
विज्ञापन

स्वास्थ्य संबंधी समस्या के मूल कारणों पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि सबसे अधिक झोलाझाप व अवैध अस्पताल इसी जिले में चल रहे हैं। इस पर रोकथाम के लिए लगातार छापेमारी होनी चाहिए। अधिवक्ता शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि झोलाछाप व अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करके ही इनका मकड़जाल तोड़ा जा सकता है। यूनाईटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देव कुमार मिश्र ने कहा कि मेडिकल स्टोरों पर पेटेंट दवाएं नहीं मिलती हैं। नकली व एक्सपायरी दवाओं पर अंकुश लगना चाहिए। अधिवक्ता राहत कोष के संयोजक शशांक त्रिपाठी ने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण ही अवैध अस्पताल व झोलाछाप का मकड़जाल बढ़ रहा है। अधिवक्ता मोहित श्रीवास्तव व हरिकांत मिश्रा ने कहा कि जनसंख्या के हिसाब से अस्पतालों में डॉक्टर व कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए। रमेश पाठक व श्रवण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि डॉक्टरों को मरीजों का पूरी ईमानदारी के साथ सही उपचार करना चाहिए। शिक्षक फैजान अंसारी व अभिषेक ओझा ने कहा कि मानकों की अनदेखी करके अस्पताल खोले जा रहे हैं। इन पर लगाम कसने के लिए मानकों की सही जांच होनी चाहिए। अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह व शशि प्रकाश मिश्र ने कहा कि जिले में जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने और उसमें आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने का सुझाव दिया। सिविल बार संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रवण कुमार श्रीवास्तव व धर्मदेव मिश्रा ने अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती एवं संसाधनों से लैस किए जाने का सुझाव दिया।
सुझाव अमल में लाए जाएंगे
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में मौजूद अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि निजी अस्पताल, नर्सिंग होम व झोलाझाप के खिलाफ नियमित रूप से जांच होती है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। इस कार्यक्रम में जो भी सुझाव दिए गए हैं उन पर अमल जरूर किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें