बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपते लोग।
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बलरामपुर। मॉब लिंचिंग के खिलाफ जमीयत उलेला ए हिंदी की तरफ से कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। संगठन की तरफ से राष्ट्रपति से ऐसी घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
जमीयत उलेमा के महासचिव अहमद अली काशमी, शफीउल्ला खां, निजाम मंत्री, शकील अहमद एडवोकेट, निसार अहमद, इरफान, अजीज हसन व इकबाल जावेद आदि ने बीते दिन कलेक्ट्रेट पहुंचकर असामाजिक तत्वों की भीड़ द्वारा भारतीय नागरिकों की हत्या करने वालों तथा षडयंत्र में शामिल लोगों के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया।
धरने को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिमों, आदिवासियों और दलितों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे है जो मानवाधिकारों का पूर्ण हनन और प्राकृतिक सिद्घांतों के विपरीत है। राजनैतिक संरक्षण प्राप्त असामाजिक तत्वों की भीड़ अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने में सक्रिय है। ट्रेनों से लेकर बस्तियों तक धर्म जाति विशेष पर अत्याचार किया जा रहा है जो मानवता के नाम पर कलंक है।
मोहम्मद तबरेज अंसारी के साथ राजनैतिक संरक्षण प्राप्त असामाजिक तत्वों की भीड़ में कृत्य किया जो निंदनीय है। झारखंड राज्य के मोहम्मद तबरेेज अंसारी के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिलाया जाए, परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ सुरक्षा मुहैया कराई जाए।