बलरामपुर। राप्ती नदी में उफान आते ही बाढ़ के पानी में 22.65 करोड़ की परियोजनाएं डूबती नजर आ रही हैं। समय से कार्य पूरा न होने के चलते परियोजनाओं का काम परवान नहीं चढ़ सका है। कटान निरोधक व तटबंधों का कार्य आधा-अधूरा होने से पीड़ितों को कोई लाभ नहीं मिल सकेगा। चालू वित्तीय वर्ष में काम शुरू होते ही राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ आ गई है। बाढ़ का पानी भर जाने से परियोजनाओं का कार्य अब पूरा कराने में विभागीय अफसरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कोविड-19 महामारी में लॉकडाउन के दौरान समय से कार्य शुरू नहीं हो सका। लॉकडाउन में छूट मिलते ही परियोजनाओं का काम शुरू हो सका।
वित्तीय वर्ष 2020-21 लॉकडाउन में छूट मिलते ही गांवों को बाढ़ की बर्बादी से बचाने के लिए बाढ़ खंड की तरफ से 22 करोड़ 65 लाख 89 हजार रुपये की स्वीकृत पांच परियोजनाओं का कार्य शुरू करा दिया गया। बाढ़ खंड के एक्सईएन कौशल किशोर दिवाकर ने बताया कि बाढ़ की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए संवेदन व अतिसंवेदनशील स्थानों पर अनुरक्षण मद से कार्य शुरू किया गया था। गोनकोट, परसोहना, परसोहिया, टेंगनहिया मानकोट, श्रावस्ती सीमा पर कल्यानपुर, सदानंद, नौबस्ता, ज्योनार व इमिलिया खादर आदि कटान व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध बजट से क्षतिग्रस्त तटबंधों के पुनर्निर्माण, मरम्मत व कटान निरोधक काम शुरू कराया गया। कोड़री घाट व मेवालाल तालाब तटबंध पर विशेष ध्यान देकर कार्य शुरू किया गया। जिले के लोगों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए कोड़रीघाट पुल के पास राप्ती नदी के दाएं व बाएं तटबंधों का मरम्मत कार्य शुरू कराया गया। करमहना तटबंध के रामपुर गांव के पास दो करोड़ 14 लाख 26 हजार रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराई गई। बूढ़ी राप्ती के दाएं तट पर इमिलिया खादर के मध्य तीन करोड़ 87 लाख 53 हजार रुपये से तटबंध का पुनर्निर्माण व कटान निरोधक कार्य शुरू कराया गया। मलमलिया गांव के पास बलरामपुर-भड़रिया तटबंध पर दो करोड़ 43 लाख 12 हजार रुपये से कार्य किया जा रहा है।
साहिबानगर की आबादी को सुरक्षा दिलाने के लिए आठ करोड़ 18 लाख 12 रुपये से कटान निरोधक कार्य किया जा रहा है। चरनगहिया तटबंध के मध्य स्पर की मरम्मत व बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य पर छह करोड़ दो लाख 86 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ये सभी कार्य अभी तक पूरे नहीं हुए कि राप्ती नदी व जिले के 17 पहाड़ी नालों में बाढ़ का पानी उफान मारने लगा। कार्य पूरा न होने के चलते ये सभी परियोजनाएं परवान नहीं चढ़ सकी हैं। कटान व बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि समय से कार्य न होने के चलते पीड़ितों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
लॉकडाउन के चलते कार्य कराने में आई दिक्कत
बाढ़ खंड के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 22.65 करोड़ की पांच परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए शासन से बजट अलॉट किया गया था। हालांकि बजट काफी कम था। फिर भी बाढ़ खंड के एक्सईएन को लॉकडाउन में सरकार की तरफ छूट दिए जाने पर तत्काल कार्य शुरू करा दिया गया। कुछ कार्य पूरे हो चुके हैं। कुछ कार्य पूरे नहीं हुए जिन्हें पूरा कराने का एक्सईएन को निर्देश दिया गया है।
- कृष्णा करुणेश, डीएम