बलरामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2023 की परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को शामिल कराने व अन्य अनियमितता के आरोप में जिले एक प्रधानाचार्य व दो शिक्षकों को परीक्षा कार्य से हटा कर काली सूची में डाल दिया है। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने डीआईओएस को चिह्नित प्रधानाचार्य व शिक्षकों की सूची भेजकर इनसे वर्ष 2024 से लेकर 2026 की बोर्ड परीक्षा संबंधी किसी भी तरह के कार्य न लिए जाने का निर्देश दिया है।
जिले में अगले माह से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। इसके लिए 67 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं। बोर्ड की तरफ से जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी गई शिक्षकों की सूची में से जिले के हाजी इस्माइल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शाहिद अकबर को बोर्ड परीक्षा से डिबार कर दिया है। इन पर वर्ष 2023 में हुई परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है। इनके साथ ही राजकीय हाईस्कूल विशुनपुर विश्राम के सहायक अध्यापक सुभाष चंद्र यादव और राजकीय हाईस्कूल महराजगंज तराई के सहायक अध्यापक राम बचन को भी काली सूची में डालते हुए बोर्ड परीक्षा से जुड़े कार्यों से हटाते हुए तीनों शिक्षकों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इन शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी परीक्षा केंद्र पर उपस्थिति तक रोक दी गई है।
शिक्षकों की सत्यनिष्ठा पर उठे सवाल
जिले के जिन तीन शिक्षकों को यूपी बोर्ड ने परीक्षा कार्य से हटाया है, उनमें दो राजकीय हाईस्कूल से संबंधित हैं। ऐसे में राजकीय सेवा से जुड़े शिक्षकों की सत्यनिष्ठा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में इन शिक्षकों की सेवाओं पर भी इस कार्रवाई का असर दिखेगा। विभागीय स्तर पर बेहतर सेवाओं पर पदोन्नति और 10 वर्ष की संतोषजनक या उत्कृष्ट सेवा पर ही चयन वेतनमान जैसी सुविधा मिलती है। बोर्ड परीक्षा में तीन वर्ष का प्रतिबंध प्रोन्नति में भी अड़ंगा लगाएगा।
परीक्षा में नहीं लगेगी ड्यूटी
यूपी बोर्ड से जिन तीन शिक्षकों को परीक्षा से डिबार किया है, उनकी ड्यूटी अब परीक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में नहीं लगेगी। निर्देशों के आधार पर ड्यूटी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।