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Balrampur News: झारखंडी के राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी की हत्या

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बलरामपुर के दिपवाबाग के पास घटना स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ व बैठे परिजन।-संवाद
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बलरामपुर। शहर में झारखंडी स्थित प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी की बुधवार देररात गोली मारकर हत्या कर दी गई। नगर कोतवाली के दिपवा बाग बांध के पास बृहस्पतिवार सुबह उनका शव मिला। पुलिस ने पुजारी के भाई की तहरीर पर एक नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से दो संदिग्धों की पहचान कर दोनों की तलाश में जुटी है। परिजनों के मुताबिक पुजारी के मोबाइल पर बुधवार रात किसी का फोन आया था और उसके बुलावे पर वह घर से गए थे। पुजारी का मोबाइल मौके पर नहीं मिला है, जिससे फोन करने वाले की जानकारी नहीं हो सकी है।
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कोतवाली नगर के मोहल्ला खलवा निवासी 28 वर्षीय शत्रोहन द्विवेदी उर्फ बाबू झारखंडी मंदिर परिसर में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में पुजारी थे। उनके पिता कृष्ण कुमार द्विवेदी व भाई सेवक दास उर्फ मुन्ना पंडित भी वहीं पूजा करते हैं। सेवक दास के मुताबिक बुधवार शाम दो लोग मंदिर आए और बाबू के बारे में पूछताछ कर रहे थे। उनका मोबाइल नंबर मांग रहे थे। परिचय और काम पूछने पर दोनों बिना बताए मोबाइल नंबर लेकर चले गए। बुधवार रात में ही पिता कृष्ण कुमार द्विवेदी की तबीयत अचानक खराब हो गई।
उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए सेवक दास ने रात डेढ़ बजे जब बाबू को फोन मिलाया तो उनका मोबाइल बंद मिला। खलवा मोहल्ले से दिपवा बाग की दूरी बमुश्किल 200 मीटर है। मोहल्ले के लोग दिपवा बाग के पास खेती किसानी का काम करते हैं। बृहस्पतिवार सुबह कुछ लोग खेत की ओर घूमने गए थे तो वहां उन्होंने बाबू का शव देखा। इसकी सूचना सेवक दास को दी। बाबू के मृत पाए जाने की सूचना मिलते ही परिजन रोने बिलखने लगे। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव देखा तो सीने में सुराख था, उसके चारों ओर जलने के निशान थे। सेवक दास ने बताया कि उनके भाई की किसी से दुश्मनी नहीं थी।
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चार बेटों में दो की पहले हो चुकी है मौत, तीसरे की हुई हत्या
कृष्ण कुमार द्विवेदी के चार पुत्र थे। इनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी है और तीसरे की हत्या कर दी गई है। अब केवल परिवार में सेवक दास ही बचे हैं। पुलिस के मुताबिक पुजारी बाबू को दो लोग बुधवार शाम के वक्त ढूंढने मंदिर गए थे, जो उनका मोबाइल नंबर उनके भाई से ले गए थे। फोरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुजारी के भाई ने अपनी तहरीर में एक व्यक्ति को नामजद किया है, जबकि घटना में अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना जताई है।
सीने से तमंचा सटाकर मारी गई गोली

पुलिस टीम ने झारखंडी मंदिर के निकट कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाले हैं। जो लोग पुजारी को बुलाने गए थे, उनकी पहचान भी पुलिस ने कर ली है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने जब पुजारी को फोन किया तो पता चला कि वह मेजर चौराहे पर ही हैं। वहीं से पुजारी को जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर दिपवा बाग की ओर लेकर चले गए। घटना क्यों हुई, इसका पता अभी तक नहीं चल सका है। जानकारों के मुताबिक, 315 बोर के तमंचे को सीने से सटाकर फायर किया गया है। मौके पर काफी खून बिखरा पड़ा मिला है।
जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे आरोपी : एसपी

सूचना मिलते ही प्रभारी कोतवाल संतोष कुमार, उप निरीक्षक अजीत कुमार, अर्जुन सिंह व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में सीओ सिटी ज्योतिश्री फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचीं। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। वरिष्ठ नेता भुवन प्रताप सिंह व प्रवेश दूबे मोनू भी मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक विकास कुमार को दी गई। एसपी ने घटना के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की हैं। एसपी ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कराई जाएगी।
विवाह की हो रही थी तैयारी
पुजारी शत्रोहन द्विवेदी उर्फ बाबू का इसी वर्ष विवाह होना था। परिवार के लोग इसकी तैयारी कर रहे थे, हालंकि, अभी तिथि तय नहीं थी। पुजारी होने से यज्ञोपवीत संस्कार पहले ही हो चुका था। विवाह से पहले ही बेटे की हत्या से पूरे परिवार में कोहराम है।
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