फोटो-17-बलरामपुर के सब्जी मंडी में सब्जी खरीदते लोग ।-संवाद
बलरामपुर। लहसुन व प्याज के साथ सब्जियों के भाव बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। भाव बढ़ने का असर लोगों के दैनिक खर्च पर सीधे पड़ रहा है। होटल व ढाबों में भोजन थाली की कीमत में वृद्धि से मध्यम वर्ग के परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। 70-80 रुपये में मिलने वाली थाली यकायक 100-110 रुपये में पहुंच गई है।
व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए लहसुन-प्याज प्रमुख रूप से उपयोग किए जाते हैं। बीते एक सप्ताह से लहसुन 100 से 110 रुपये किलोग्राम तक बिक रहा है। 20-25 रुपये बिकने वाला प्याज 55-60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। हरी सब्जियों के मूल्य में बढ़ोतरी लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है। बारिश में मध्यम व मजदूर वर्ग की कमाई वैसे ही प्रभावित रहती है, ऐसे में महंगाई ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मंडी समिति के व्यापारी अब्दुल कादिर ने बताया कि बाहर से आने वाले माल का दाम बढ़ा है, ऐसे में सब्जियों के थोक व फुटकर मूल्य में वृद्धि देखी जा रही है। नगर के सिविल लाइंस की सोमवती व महक अग्रवाल ने बताया कि लहसुन और प्याज हर रसोई का अभिन्न हिस्सा है। इनकी कीमतों में उछाल से अन्य सब्जियों के दाम भी प्रभावित हुए हैं। इससे घर का बजट बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
भोजन की थाली पर महंगाई का असर
सब्जियों के भाव बढ़ने से छोटे होटल और ढाबों में भोजन की थाली की कीमतों में यकायक वृद्धि हुई है। यह उन लोगों के लिए बड़ी समस्या है जो बाहर खाना खाते हैं। दैनिक मजदूर और नौकरीपेशा लोग इससे सीधे प्रभावित हो रहे हैं। 70-80 रुपये की थाली अब 100-110 रुपये में मिल रही है। इस कारण उनके मासिक खर्च में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य विभाग में तैनात प्रिंस ने बताया कि वह दोपहर में टिफिन मंगवाते हैं। पहले टिफिन वाला 75 रुपये लेता था, अब 90 रुपये मांग रहा है। आयुर्वेदिक विभाग के डीपीएम दुर्गेश चौधरी ने बताया कि दोपहर में ढाबे पर खाना खाते हैं। पहले 80 रुपये में खाने की थाली मिलती थी, अब ढाबे वाला 105 रुपये ले रहा है।