बलरामपुर। पैगंबरे इस्लाम मोहम्मद साहब के दामाद और इस्लाम धर्म के चौथे खलीफा हजरत मौला अली की यौमे शहादत के मौके पर 21वीं रमजान को मोहल्ला यतीमखाना में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें शामिल रोजेदारों ने समाज में अमन-चैन व मुल्क की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
आयोजक एवं अहले बैत-ए-अतहार फाउंडेशन के सदर सैयद मोहम्मद बिन जावेद ने बताया कि मुकद्दस महीना रमजान का तीसरा और आखिरी अशरा चल रहा है। रमजान के इस आखिरी अशरे में इबादत करने, पांचों वक्त की नमाज पढ़ने और सदका व जकात देने में कोताही न करें। अल्लाह से अपने और परिवार के सदस्यों की ओर से किए गए गुनाहों की माफी मांगें।
रमजान में रोजेदारों को इफ्तार कराना बहुत ही नेक और पुण्य का काम है। आर्थिक रूप से संपन्न लोग ज्यादा से ज्यादा सदका और जकात निकालकर गरीबों की मदद करें। इफ्तार पार्टी के आयोजन में सैय्यद महमूद, नफीस, राशिद अंसारी, सज्जन अंसारी, आजाद, तैय्यब हुसैनी, सहजादे, रिजवान व सब्बन का सराहनीय योगदान रहा।