फोटो-15-बलरामपुर के जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रदर्शन करते एंबुलेंसकर्मी।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। नौकरी सुरक्षित करने तथा 108, 102 एंबुलेंस व एएलएस के कर्मचारियों को एनएचएम में शामिल किए जाने की मांग को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजकर समस्याओं का निराकरण किए जाने की मांग की गई है। शीघ्र ही मांगें पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सरकार और सेवादाता कंपनी से कई बार बात की गई फिर भी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा का टेंडर जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड को दे दिया है। जिसकी वजह से लगभग एक हजार एंबुलेंस कर्मचारियों के समक्ष रोजीरोटी की समस्या खड़ी हो गई है। नई कंपनी ने नए स्तर पर भर्ती शुरू कर दिया है।
भर्ती के लिए डिमांड ड्राफ्ट के रूप में 20 हजार रुपये लिया जा रहा है। ऐसे में पहले से कार्यरत एंबुलेंस कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। कोरोना काल में भी एंबुलेंस कर्मियों ने जान पर खेलकर मरीजों को सेवा प्रदान किया। सरकार एंबुलेंस कर्मियों के प्रति गंभीर नहीं है। संघ के पदाधिकारियों ने एंबुलेंस कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने, एंबुलेंस में ठेका प्रथा बंद किए जाने, 108, 102 व एलएस के कर्मचारियों को एनएचएम में सम्मलित किए जाने, समान कार्य-समान वेतन लागू किए जाने तथा कोरोना काल में शहीद एंबुलेंस कर्मियों को 50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की। इस मौके पर संगठन मंत्री सूरज पांडेय सहित तमाम एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे। जिले के अन्य अस्पतालों में भी एंबुलेंस कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया गया।