बलरामपुर। आंधी-बारिश के बाद बुधवार को एक बार फिर जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। शहर से लेकर गांवों तक पूरी रात अंधेरा छाया रहा। बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से कई घंटे आपूर्ति बाधित रही। वहीं सादुल्लाहनगर, पेहर बाजार और जरवा क्षेत्र में 12 से 15 दिनों से बिजली संकट बना हुआ है।
जिला मुख्यालय पर आंधी-बारिश के कारण पूरबटोला, निबकौनी समेत कई स्थानों पर बिजली लाइनों पर पेड़ गिर गए। इससे दोपहर एक बजे से देर शाम तक आपूर्ति बाधित रही। सिविल लाइन, पूरबटोला और भगवतीगंज उपकेंद्र से भी देर शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही। उपभोक्ता उमेश कुमार, रोहित मिश्र, प्रशांत कुमार, मोहित मोदनवाल व अनिकेत ने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
जरवा क्षेत्र में 15 दिन बीतने के बाद भी उपखंड तुलसीपुर के कोइलाबास फीडर से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बघेलखंड, पिपरा दुर्गानगर, बनगाई, विश्रामपुर, त्रिलोकपुर, नेवलगढ़, मचड़ी, चैनपुर, गनेशपुर, रनियापुर, पहाड़ापुर, मोहकमपुर, बेतहनिया समेत 20 गांवों में 15 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। उपभोक्ता कृपा शंकर, पप्पू यादव, राम बचन थारू, अर्जुन थारू, दिनेश व अगनू थारू ने आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। अवर अभियंता नगर व देहात धर्मात्मा गौड़ ने बताया कि मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। खंभे और तार की जरूरत है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है।
पेहर बाजार में 12 दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है। 11 केवी लाइन के कई पोल टूटने और खेतों में पानी भरने से मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है। इससे उपभोक्ता चंद्रदीप सिंह, गुड्डू, बृजेश, मुमताज, संतोष यादव, रितेश, नौशाद, बबलू, अरकम और प्रिंस में आक्रोश है।
सादुल्लाहनगर क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र अचलपुर चौधरी से संबंधित परसिया पतकपुर में दो सप्ताह से बिजली गुल है। गांव में बिजली के 15 पोल टूट गए थे। इससे सैकड़ों घरों में बिजली आपूर्ति बाधित है। जाकिर अली, हनीफ, नूरे, अलीहसन, जगराम, मोलहू ने बताया कि कई बार विभागीय कर्मचारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक नया खंभा लगाकर तार जोड़ने की जहमत नहीं उठाई गई। जेई अरविंद कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जल्द ही नया पोल लगवाकर आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।