ललिया/पेहर बाजार। तराई क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में अब तक सुधार नहीं हो पाया है। इसके चलते रविवार को करीब 200 गांवों में अंधेरा छाया रहा। बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से नाराज उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन कर विरोध जताया और जल्द बिजली चालू कराने की मांग की।
ललिया क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र महराजगंज तराई से जुड़े भवनियापुर और मकुनहवा कुटी समेत 15 गांवों में पिछले 10 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। इससे परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जल्द आपूर्ति बहाल कराने की मांग की। श्रीनाथ, दीप नारायण, संतोष कुमार, प्रमोद कुमार, स्वामीनाथ, बाबूराम, कमलेश, विनोद कुमार, राम उजागर, राम प्रसाद, राधेश्याम और गोविंद प्रसाद ने बताया कि तेज आंधी के दौरान बिजली का पोल झुक गया था और हाईटेंशन तार भी लटक गए थे। इसकी सूचना देने के बावजूद अब तक पोल ठीक नहीं कराया गया है। बिजली नहीं मिलने से रात में गांव में अंधेरा छाया रहता है।
राम निवास, बलिराज, छोटकउ, विपिन कुमार, उपदेश कुमार, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश, बड़के और चंद्रभूषण ने बताया कि गांव पहाड़ी नाला हेंगहा से सटा होने के कारण अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। जेई विजय कुमार महतौ ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिली है। खराबी दूर कराकर जल्द आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
पेहर बाजार क्षेत्र में भी 10 दिनों से बिजली संकट
पेहर बाजार क्षेत्र में आंधी-बारिश के दौरान बिजली के पोल और तार टूटने से पिछले 10 दिनों से आपूर्ति बाधित है। 11 केवी लाइन की मरम्मत पूरी नहीं होने के कारण हजारों उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के जाफराबाद, बड़हड़ा, महिली, मोहम्मदनगर ग्रंट और सकरड़िया समेत 12 गांवों में अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
प्रभुदयाल यादव, संतोष यादव, मुमताज प्रधान, गुड्डू, शिवकरण, मुस्ताक, अशफाक, नौशाद और तुफैल अहमद ने बताया कि प्रशासन की ओर से युद्धस्तर पर बिजली व्यवस्था बहाल करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों उपभोक्ता अब भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं। बिजली आपूर्ति कब बहाल होगी, इसे लेकर उपभोक्ताओं में असमंजस और नाराजगी है। एसडीओ एसएन सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।