फोटो-15-बलरामपुर के उतरौला-चंदनपुर मार्ग पर व्याप्त कीचड़ व जलभराव ।-संवाद
बलरामपुर। उतरौला-पचपेड़वा-चंदनपुर मार्ग की बदहाली का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। आठ माह से सात मीटर चौड़ीकरण की फाइल शासन में लंबित है। इस बीच 21 किलोमीटर लंबे मार्ग की पैचिंग के लिए 78 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। करीब पांच लाख लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी गिट्टियां राहगीरों की परेशानी बढ़ा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हुआ।
करीब तीन मीटर चौड़े इस मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क चौड़ीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन स्थायी निर्माण के बजाय बार-बार पैचिंग कर काम चलाया जा रहा है। लोगों ने अब तक हुए मरम्मत कार्यों और खर्च की जांच कराने की मांग की है।
राहगीर प्रमोद कुमार ने कहा कि सड़क का स्थायी समाधान होने के बजाय बार-बार पैचिंग कराई जा रही है। संतोष ने कहा कि पैचिंग से कुछ समय के लिए गड्ढे भर जाएंगे, लेकिन सड़क की मूल समस्या बनी रहेगी। इरफान ने मरम्मत कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। इफ्तिखार ने कहा कि पांच लाख लोगों की आवाजाही वाले मार्ग का चौड़ीकरण जरूरी है। राजू ने भी पैचिंग के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण कराने और पूर्व में खर्च हुए धन की जांच की मांग की।
सड़क की बदहाली को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका लंबित है। मामले में सात सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में पैचिंग के लिए 78 लाख रुपये के बजट पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्वीकृत हुआ बजट, अभी नहीं मिली धनराशि
उतरौला-पचपेड़वा-चंदनपुर मार्ग की पैचिंग के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है, लेकिन धनराशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए बजट मिलने से पहले ही कार्य शुरू करा दिया गया है।
कुमार शैलेंद्र, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड