बलरामपुर। बेटियां निर्भीक होकर मुश्किलों का डटकर मुकाबला करें। यदि आपके साथ कुछ भी गलत हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। समाज में होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हम सभी की जिम्मेदारी है। आपके ऊपर या फिर परिवार में किसी के साथ अत्याचार हो रहा है तो पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें। ये बातें बुधवार को मॉडर्न पब्लिक स्कूल वैरागीपुरवा में आयोजित पुलिस की पाठशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि व तुलसीपुर इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह ने कहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह और विद्यालय प्रबंधक राजकुमार जायसवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सत्यनारायण, मिथिलेश कुमारी जायसवाल व महेश वर्मा आदि ने दीप जलाकर किया। विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत गाया। छात्राओं को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर ने कहा कि आज बेटियां अपने दम पर कठिन परिश्रम करके सफलता की मंजिल प्राप्त कर रही हैं। आपकी सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा तैयार है। आप किसी भी मुसीबत में पुलिस से मदद ले सकती हैं।
इंस्पेक्टर उपेंद्र यादव व एंटी रोमियो टीम की सिपाही कोमल अवस्थी ने बेटियों को अधिकारों के प्रति जागरूक किया। बताया कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से 1090, 181, 1076, यूपी-112 आदि हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके पुलिस से सहायता प्राप्त की जा सकती है। हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत करने वाली बेटियों की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
छात्रा बुशरा खान व सलोनी ने पूछा कि यदि सुनसान स्थान पर हमारे साथ कोई अनहोनी होती है तो किसकी सहायता लें? इंस्पेक्टर ने बताया कि यदि कोई रास्ते में परेशान करे तो भागने के बजाय उसे बातों में उलझाकर रखें और मौका पाते ही पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत करें।
छात्रा श्वेता मिश्रा व इशरत जहां ने कहा कि यदि सुनसान स्थान पर कोई परेेशान करे और हाथ में मोबाइल न हो तो किस तरह पुलिस की मदद प्राप्त की जा सकती है। सिपाही कोमल अवस्थी ने बताया कि सभी स्कूलों के पास और रास्तों में पुलिस बल हमेशा मुस्तैद रहता है। यदि आपके पास मोबाइल नहीं है और पुलिस की मदद चाहिए तो आसपास देखें और किसी से मोबाइल मांगकर पुलिस को कॉल करें।
प्रबंधक राजकुमार जायसवाल ने कहा कि तरक्की के लिए शिक्षित होने के साथ ही आगे बढ़ने की ललक होनी चाहिए। सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन जानकारी न होने के कारण बेटियों को इनका समुचित लाभ नहीं मिल पाता है। योजनाओं का लाभ लेने व जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षित होना जरूरी है।
विद्यालय की संचालिका मिथिलेश कुमारी जायसवाल ने कहा कि परिवार के लोग बेटियों को घर तक ही सीमित न रखें उन्हें पढ़ाएं और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करके आत्मनिर्भर बनने का अवसर दें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए शिक्षक महेश प्रसाद वर्मा व काशी प्रसाद तिवारी ने कहा कि समाज में अब काफी बदलाव आया है। परिवार बेटियों को भी आगे बढ़ने का समान अवसर देते हैं। बेटियां बिना किसी भय के जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षित और स्वावलंबी बनकर परिवार की तरक्की में सहयोग करें।