बलरामपुर। देश व समाज के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली बेटियां पुलिस आरक्षी बनकर कानून व्यवस्था को सुधारने में दिन रात मेहनत कर रही हैं। नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ न केवल कार्रवाई किया जा रहा है बल्कि स्कूलों पढ़ने वाली बेटियों को महिला आरक्षी कानून के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। हथियारों की साफ सफाई कर उन्हें खोलना एवं जोड़ना तथा समय आने पर उसका सही ढंग से प्रयोग करना भी महिला आरक्षी बखूबी सीख रही हैं।
एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि महिला आरक्षियों की ड्यूटी अब थाना व पुलिस चौकियों के अलावा चालान करने तथा बेटियों को जागरूक करने के काम में लगाया जा रहा है। उपनिरीक्षक ममता सिंह यादव, प्रीति रावत, शांति, ज्योति व पूजा वर्मा आदि महिला आरक्षी बेटियों को उनके अधिकार एवं कानून की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लगातार जागरूक कर रही हैं।
1090, डायल-112 व संबंधित क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षकों का सीयूजी नंबर देकर बेटियों को कानून की जानकारी दी जा रही है। महिला आरक्षियों की ड्यूटी सार्वजनिक स्थानों पर भी लगाई जा रही है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ महिला आरक्षी चालान कर उन्हें सबक भी सिखा रही हैं। एक सप्ताह के भीतर महिला आरक्षियों ने करीब 500 लोगों का चालान कर चार लाख रुपये शमन शुल्क भी वसूला है। प्रत्येक रविवार को महिला आरक्षी असलहों की साफ सफाई कर उन्हें खोलना एवं जोड़ने का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। संवाद