बलरामपुर में पीएनबी घोटाले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों, पूर्व शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और समरजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। इन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये गबन का आरोप है।
बलरामपुर। पीएनबी में 12 करोड़ तीन लाख 37 हजार रुपये के घोटाले में दो आरोपियों को बृहस्पतिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी पीएनबी नहरबालागंज के पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और पीएसपी कंस्ट्रक्शन के पार्टनर गोंडा के जानकीनगर निवासी समरजीत को गिरफ्तार कर लिया।
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पंजाब नेशनल बैंक सर्किल ऑफिस जनपद अयोध्या चीफ मैनेजर पुनीत मुर्तेजा ने 15 अगस्त 2025 को नगर कोतवाली में घोटाले का केस दर्ज कराया था। इसमें पीएनबी नहरबालागंज के शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और लखनऊ निवासी राम आधार त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इन पर समक्ष अधिकारियों की अनुमति के बगैर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करके ऋण खाते खोलने और जालसाजी करके बैंक शाखा से 525.184 लाख रुपये के गबन का आरोप था।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान पीएम मुद्रा ऋण में भी घोटाले की बात सामने आई। इसमें वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी के साथ अधिकारी शाखा कार्यालय विनय कुमार शर्मा, संतोष गुप्ता, कैश बीओ यशवंत कुमार, पीएसपी कंस्ट्रक्शन की पूनम सिंह, वैभव सिंह व समरजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामले में 46 ऋणधारकों से आठ करोड़ नौ लाख 87 हजार रुपये और मुद्रा ऋण के 40 खातों से तीन करोड़ 93 लाख 50 हजार रुपये का गबन किया गया है। इसमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और कैश के जरिये समरजीत की कंपनी को पैसे दिए जाने की बात सामने आई।
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एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एएसपी विशाल पांडेय के नेतृत्व में टीम गठित की थी। प्रभारी निरीक्षक नगर सुधीर कुमार सिंह की टीम ने बृहस्पतिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।