बलरामपुर। गिरफ्तारी में बाधा पहुंचाने वाले को 34 वर्ष बाद सजा मिली है। सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट उतरौला योगेश कुमार चौधरी ने शनिवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दोषी पर दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
उतरौला क्षेत्र के ग्राम गुलवरिया माफी निवासी राम मनोरथ के खिलाफ पुलिस ने 31 मार्च 1992 को गिरफ्तारी में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। राम मनोरथ ने अपनी व दूसरे की गिरफ्तारी में बाधा पहुंचाई। विवेचना के बाद पुलिस आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद राम मनोरथ को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। (संवाद)