बलरामपुर। तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम सुगानगर निवासी मीरा पत्नी स्व. लालता को सरकारी फाइलों में मृत दिखा दिया गया। जिंदा निराश्रित महिला को मृत दिखाने से उनकी पेंशन बंद हो गई। डीएम ने मामले की जांच कराकर ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) महेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया।
डीएम ने बताया कि वह कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन की सुनवाई में तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम सुगानगर निवासी मीरा पत्नी स्व. लालता ने प्रार्थनापत्र दिया कि उन्हें ग्राम विकास अधिकारी ने बिना जांच किए ही मृत दिखा दिया, जिससे उनका बुढ़ापे का सहारा छिन गया है। डीएम ने मामले की जांच कराई तो ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही सामने आई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुनील कुमार सिंह को तलब कर मीरा को निराश्रित महिला पेंशन दिलाने का निर्देश दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने डीएम से बताया कि मीरा को पुनः पेंशन दिलाने के लिए निदेशालय महिला कल्याण विभाग को डाटा में सुधार कराने के लिए पत्राचार कर दिया गया है। आगामी निराश्रित महिला पेंशन के लाभार्थियों को जब पेंशन का भुगतान पीएफएमएस प्रणाली से होगा तो मीरा के बैंक खाते में भी पेंशन की धनराशि आ जाएगी।
सुशीला की ढाई साल से पेंशन बंद
यह समस्या सिर्फ मीरा की ही नहीं हैं। हरैया सतघरवा ब्लॉक के ग्राम लालपुर फगुइया की सुशीला पत्नी स्व. राम नरेश भी निराश्रित महिला पेंशन बंद होने के परेशान हैं। बुढ़ापे में डंडे के सहारे चलने वाली सुशीला की निराश्रित महिला पेंशन ढाई वर्ष से बंद है। अधिकारियों की चौखट का चक्कर काटते सुशीला अब थक चुकी हैं। इसी तरह से तमाम ऐसे पीड़ित हैं जिन्हें पहले पेंशन मिलती थी, लेकिन जांच में मृत दिखाने से पेंशन बंद हो चुकी है।