बलरामपुर। सघन दस्त रोग नियंत्रण पखवाड़ा व एक कदम सुपोषण की ओर अभियान का आयोजन बुधवार को जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया। इस दौरान गर्भवती व धात्री महिलाओं और सैम बच्चों को पोषण के लिए आवश्यक दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने पीएचसी जोकहिया पर किया। उन्होंने गर्भवती व धात्री महिलाओं को आयरन, एल्बेंडाजोल व फोलिक एसिड की गोलियां देने के साथ ही सैम बच्चों को दवाओं के साथ ओआरएस का घोल वितरित किया। पोषण के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने व पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने आईसीडीएस विभाग द्वारा लगाए गए स्टाॅल का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके शुक्ला, प्रभारी चिकित्साधिकारी मोहम्मद जावेद, डीपीएम शिवेंद्र मणि, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विनोद त्रिपाठी एवं जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
श्रीदत्तगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अभियान का शुभारंभ सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा ने बच्चों को ओआरएस का पैकेट व जिंक और गर्भवती महिलाओं को आयरन व कैल्शियम की गोली वितरित कर किया। उन्होंने उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान के लक्षण बताते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं का प्रसव जिला अस्पताल में कराना चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने सभी आशा, संगिनी, एएनएम व सीएचओ को कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया। आशा सीमा जायसवाल ने ओआरएस घोल बनाने के तरीके का प्रदर्शन किया। संगिनी नीता ने हाथ धोने का तरीका बताया। बीपीएम आशुतोष शुक्ला ने दोनों अभियान पर प्रकाश डाला।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा में अभियान का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष रवि वर्मा ने फीता काटकर किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बच्चों को ओआरएस का पैकेट देते हुए डायरिया से बचाव की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. गयासुद्दीन, डॉ. आरके सिद्धार्थ, बीपीएम अनीश अहमद, बीसीपीएम राम मणि गौतम, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, अमित पांडेय, एएनएम साधना व सुहेला आदि मौजूद रहे। इसी तरह तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, शिवपुरा, गैड़ासबुजुर्ग व सादुल्लाहनगर आदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अभियान की शुरुआत करते हुए बच्चों को कुपोषण व डायरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।