महराजगंज तराई (बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। दो गांव क्षेत्रों में तेंदुआ दिखने से पूरे इलाके में दहशत हैं। दूसरी तरफ शनिवार की शाम लालनगर सिपहिया गांव में जंगली जानवर द्वारा उठाई गई बच्ची की तलाश तीसरे दिन भी जारी रही। इसके बावजूद पुलिस व वन विभाग की टीम लापता बच्ची का कुछ पता नहीं पाई।
महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के ग्राम कंदैला निवासी मणि कुमार मिश्र ने बताया कि रविवार की रात साढ़े आठ बजे पीछे के रास्ते से तेंदुए के घर में घुस आने से हड़कंप मच गया। इस दौरान घर में महिलाएं खाना बना रही थी। तेंदुआ देखकर उन्होंने भागकर समीप स्थित कमरे में घुस कर दरवाजा अंदर से बंद कर अपनी जान बचाई। साथ ही मोबाइल से तेंदुए के घर में घुस आने की जानकारी भी बाकी घरवालों को दी।
इसके बाद एकत्रित हुए गांव वालों ने हो-हल्ला मचाकर तेंदुए को भगाया। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ भाग कर गन्ने के खेत में घुस गया। इसके साथ ही लालनगर सिपहिया गांव निवासी श्यामलाल ने भी सोमवार की सुबह आठ बजे घर में तेंदुआ घुस आने की जानकारी वन विभाग को दी है। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ गन्ने के खेत में कूद कर भाग निकलागया।
बरहवा रेंज के रेंजर कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों ही गांवों में वन विभाग की टीमें भेजने के साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और रात में अकेले घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। दूसरी तरफ लालनगर सिपहिया गांव से शनिवार को लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची की तलाश में जुटी पुलिस व वन विभाग की टीम तीसरे दिन भी खाली हाथ रही।