बलरामपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिले में तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। मतपत्रों की उपलब्धता, मतदाता सूची को अंतिम रूप देने और ग्राम पंचायतों के वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिले की 793 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराने के लिए अब सिर्फ आरक्षण की प्रक्रिया बाकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन महीने में पंचायत चुनाव कराने के फैसले के बाद जिले में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
31 जनवरी 2026 तक जिले में पंचायत चुनाव के लिए कुल 1,59,48,200 मतपत्र पहुंच चुके थे। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 94 लाख 64 हजार, जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 22 लाख 27 हजार 600, ग्राम प्रधान पद के लिए 21 लाख 60 हजार 900 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 20 लाख 95 हजार 700 मतपत्र शामिल हैं।
11 जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की 793 ग्राम पंचायतों में कुल 17,16,561 मतदाता दर्ज थे। इनमें 9,06,525 पुरुष और 8,10,036 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान 45,005 नए नाम जोड़े गए, जबकि 4,800 प्रविष्टियों में संशोधन किया गया और 10,856 नाम हटाए गए। दोहरी प्रविष्टियों की जांच के दौरान 10,434 नाम निरस्त किए गए।
जिले में ग्राम प्रधान के 793, ग्राम पंचायत सदस्य के 9,945, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 980 और जिला पंचायत सदस्य के 39 पदों के लिए निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
बुधवार देर शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद पंचायत चुनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अशोक सचान का कहना है कि चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल चुनाव से जुड़ी पूर्व तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष गुलजारी लाल ने कहा कि पंचायत चुनाव समय पर ही हो जाने चाहिए थे। हाईकोर्ट के फैसले का अनुपालन हो जाए तो बेहतर होगा। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने कहा कि शासन के आदेश के बाद ही चुनाव की स्थिति स्पष्ट होगी।