बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायकों का बकाया मानदेय फंसता नजर आ रहा है। डीपीआरओ के आदेश के बावजूद पंचायत सहायकों को मानदेय का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। मानदेय न मिलने से पंचायत सहायकों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। पंचायत सहायकों ने मानदेय का भुगतान शीघ्र कराए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग व गांव में प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा गांव में सर्वे आदि का कार्य भी पंचायत सहायक देख रहे हैं। तमाम कार्यों की जिम्मेदारी संभालने के लिए बाद भी पंचायत सहायकों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है।
कई पंचायत सहायकों का तो 12-12 महीने का मानदेय बकाया है। मानदेय न मिलने से पंचायत सहायक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। सात जून को डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों को मानदेय भुगतान के लिए पत्र लिखा था, फिर भी अभी तक पंचायत सहायकों का भुगतान नहीं किया गया है। पंचायत सहायक यूनियन की जिला नेतृत्वकर्ता शिवांगी गिरि ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग जिलाधिकारी से की है।
डोंगल न चलने से भुगतान फंसा
कुछ ग्राम पंचायतों में डाेंगल नहीं चल रहा है। इस कारण पंचायत सहायकों का मानदेय भुगतान फंसा हुआ है। डोंगल की समस्या दूर होते ही सभी काे मानदेय दिलाया जाएगा।
- नीलेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी बलरामपुर
बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
गैसड़ी ब्लाॅक में तैनात पंचायत सहायकों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर पंचायत भवन में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। पंचायत सहायक यूनियन की जिला नेतृत्वकर्ता शिवानी गिरि, ब्लॉक अध्यक्ष जगनरायन वर्मा, सौम्या, मजहर अली, सोनाली यादव, उर्मिला, रचना, भोला प्रसाद, विवेक मिश्रा, पूजा भारती, रीमा वर्मा, नीलम यादव व बृजेश आदि ने बताया कि कई ग्राम पंचायतों में अभी पंचायत भवन का संचालन सुचारू रूप से नहीं किया जा रहा है। भवन में पेयजल, शौचालय, बिजली व इन्वर्टर आदि की सुविधा नहीं है। इसके साथ ही कंप्यूटर संचालन के लिए इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। पंचायत सहायकों के लिए जरूरी उपकरण भी मौजूद नहीं है। पंचायत भवन में इंटरनेट न होने से ऑनलाइन डाटा फीडिंग का कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग बीडीओ से की है।