-बलरामपुर के जनकपुर गांव में आयुष्मान कार्ड बनाती पंचायत सहायक शिवानी गिरी।
बलरामपुर। ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पंचायत भवनों के कार्यों को संभालने की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को दी गई है। वे अब समय से सचिवालय पहुंचकर ग्राम पंचायतों का कार्य निपटाएंगे। पंचायत सहायकों को सिर्फ ग्राम विकास संबंधी कार्य कराए जाने का आदेश उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव ने दिया है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा है। पंचायत सहायक से अन्य कार्य कराए जाने व सचिवालय के संचालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गांव में ही आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्रों को बनाने और ग्रामीणों को सभी प्रकार की ऑनलाइन सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। इस काम के लिए पंचायत सचिवालय में कंप्यूटर की भी व्यवस्था की गई है।
जिले के अधिकतर ग्राम सचिवालय के संचालन में लापरवाही बरती जा रही है। पंचायत सहायकों को पंचायत भवन में बैठाने के बजाय सचिव द्वारा उनसे दूसरे काम लिए जा रहे हैं। गोल्डन कार्ड बनाने व योजनाओं के लाभार्थियों का सर्वे आदि कार्य में व्यस्त होने के कारण पंचायत सहायक सचिवालय में नहीं बैठ पा रहे हैं।
समीक्षा में पाया गया कि अन्य विभागों से संबंधित कार्यों में तो पंचायत सहायक की भूमिका सराहनीय रहती है लेकिन पंचायती राज विभाग के कार्यों में इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
पंचायत राज विभाग के जिला परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने बताया कि अपर मुख्य सचिव का पत्र आया है। पंचायत सहायकों को सचिवालय में बैठने का निर्देश दिया गया है। पंचायत भवन का संचालन न होने पर संबंधित सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।