बलरामपुर। जिले में गन्ना लदे ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क पर काल बनकर दौड़ रही हैं। प्रतिवर्ष गन्ना लदे ट्रक व ट्रॉलियों के पलटने से जान-माल को भारी नुकसान होता है। मुख्य मार्ग पर ओवरलोड गन्ना लदे वाहन गुजरते हैं, तो लोग सहम जाते हैं। आए दिन दुर्घटना होने के बावजूद प्रशासन ओवरलोड वाहनों के प्रति उदासीन है। इससे ओवरलोड वाहनों के संचालन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
जिले में तीन चीनी मिले हैं। इन चीनी मिलों में गन्ना आपूर्ति के लिए सैकड़ों ट्रक व ट्रॉलियां मुख्य मार्गों से गुजरती हैं। ओवरलोड गन्ना लदे ट्रक और ट्रॉलियां मौत बनकर सड़कों पर फर्राटा भरती हैं। पिछले दिनों ओवरलोड गन्ना लदे वाहनों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। ये वाहन यातायात पुलिस, थाना व पुलिस चौकियों के सामने से दिन-रात गुजरते हैं, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है।
एडीएम बलरामपुर प्रदीप कुमार ने बताया कि जल्द ही ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सड़कें हो रहीं क्षतिग्रस्त
हरैया सतघरवा, महराजगंज तराई व तुलसीपुर क्षेत्र में गन्ना सेंटरों से चीनी मिलों तक ट्रक एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ओवरलोड गन्ना धड़ल्ले से ढोया जा रहा है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासी राजू कनौजिया, विनोद कुमार, विवेक चौबे, इरफान व राजू रस्तोगी आदि का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से जहां सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं, वहीं आए दिन वह दुर्घटना का सबब भी बनते हैं।