बलरामपुर। गन्ना लदे ओवरहाइट व ओवरलोड वाहन सड़कों पर सरेआम दौड़ रहे हैं। इन वाहनों पर जिम्मेदार अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाते यह वाहन हादसों का सबब बन रहे हैं। इनसे सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
सड़क पर दौड़ने वाले काॅमर्शियल वाहनों के लिए नियम सख्त हैं। यदि किसी ट्रक की ऊंचाई माल लोड करने के बाद 3़़ 80 मीटर से अधिक होती है, तो उसके ऊपर जुर्माने का नियम है। जो 110 रुपये से लेकर 22 हजार रुपये तक है। इसके बावजूद पूरे जिले में ओवरहाइट व ओवरलोड वाहन बेरोकटोक दौड़ रहे हैं।
ओवरलोड वाहनों में खुलेआम लोहे की सरिया, रोड़ी व सीमेंट के साथ गन्ना लदा रहता है। पकड़े जाने पर थोड़ा जुर्माना भरकर निकलने में कामयाब हो जाते हैं। सबसे अधिक स्थिति गन्ना लदे वाहनों के कारण खराब हो रही हैं। ट्रकों, ट्रालों व ट्रैक्टर-ट्रालियों में ओवरहाइट व ओवरलोड गन्ने के कारण बगल से दूसरे वाहनों के निकलने की भी जगह नहीं बचती। कई बार इनके पलट जाने से पूरे दिन रास्ते बंद हो जाते हैं।
सीन- एक
गोंडा रोड पर नगर कोतवाली के सामने बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे ओवरहाइट गन्ना लदा ट्रैक्टर गुजरा। राहगीर दीपक, संजय व मोहित ने बताया कि इन वाहनों के विरुद्ध प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
सीन- दो :
गोंडा रोड स्थित चीनी मिल से सुबह 11.10 बजे गन्ना लदा ओवरहाइट ट्रक गुजरा। राहगीर वीरू, सुनील व रमेश ने बताया कि इन वाहनों के पास से गुजरने में भी काफी डर लगता है। कब किसी के ऊपर वाहन पलट जाए, कुछ कह नहीं सकते।
सीन-3
गोंडा रोड स्थित भगवतीगंज में सुबह 11.30 बजे गन्ना लदा ओवरहाइट ट्रैक्टर गुजरा। राहगीर सोनू, मनीष व राहुल ने बताया कि फुलवरिया बाइपास पर ओवरब्रिज चालू होने के बाद भी भीड़भाड़ वाले रास्ते से गन्ना लदा ओवरहाइट टैक्टर पूरे दिन गुजरते हैं। इससे हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है।
60 लाख का जुर्माना वसूल चुके
तीन माह में परिवहन विभाग ने ओवरहाइट व ओवरलोडिंग में 200 वाहनों का चालान किया है। इन वाहनों पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यात्री कर अधिकारी मदनचंद बताते हैं कि ढुलाई करने वाले वाहनों में बॉडी से ऊपर माल नहीं लदा होना चाहिए। हल्के माल में एक से दो फीट तक बाॅडी के ऊपर लाद सकते हैं। 10 चक्का में 28 टन, 12 चक्का में 35 टन, 14 चक्का में 42 टन और 20 से 28 चक्का वाले वाहनों में 55 टन तक माल लादा जा सकता है। इससे अधिक होने पर ओवरलोडिंग माना जाएगा।
की जाएगी कार्रवाई
यदि कोई ट्रक अपनी स्वीकार्य सीमा से 10 प्रतिशत अधिक भार ले जाता है तो उसपर पहले टन के लिए 22,000 रुपये और उसके बाद प्रत्येक टन के लिए दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। दोबारा की जाएगी।
- बृजेश यादव, एआरटीओ