बलरामपुर। जिले में 1002 सफाई कर्मियों की तैनाती के बाद भी गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दरअसल, नियमित तौर पर सफाई न होने के कारण गांवों में जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हुए हैं। इससे गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
जनपद में 793 ग्राम पंचायत हैं, जबकि 990 राजस्व ग्राम हैं। इन ग्राम पंचायतों में कुल 1002 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई थी। इनका उद्देश्य था कि गांवों में भी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए। इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी कम होगा। इसके बावजूद हकीकत इतर है। गांवों में गंदगी के कारण लोग परेशान है। वजह यह है कि गांवों में नियुक्त सफाई कर्मी अपना सफाई का काम न करके अलग जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बीते दिनों हरैया के सतघरवा व तुलसीपुर के गांवों में बीमारी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में अधिकारियों ने पहुंचकर सफाई को लेकर अभियान चलाया।
किसान नेता ने उठाए सवाल
- किसान नेता बृजेश विश्वकर्मा ने सवाल उठाया है कि गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती के बाद भी गंदगी क्यों रहती है, इसकी जांच कराई जानी चाहिए। आरोप लगाया कि सफाईकर्मी अपना काम छोड़कर साहब की सेवा में लगे हुए हैं। इसके कारण समस्या है। कई बार इसको लेकर आवाज उठाई गई लेकिन, कोई नहीं सुन रहा है।-संवाद
नहीं देखा सफाईकर्मी का चेहरा
ग्राम पंचायत मजगवां के महदेइया बाजार में सफाईकर्मी की तैनाती तो है लेकिन ग्रामीणों ने आज तक उसका चेहरा नहीं देखा है। ग्रामीण राधेश्याम, शिव कुमार, मास्टर, अलाउद्दीन व इलियास आदि का कहना है कि सफाईकर्मी के आने की बात तो दूर किसकी नियुक्ति हुई है यह भी जानकारी नहीं है। इस संबंध में ग्राम प्रधान रहमतुन्निशा का कहना है कि सफाईकर्मी की तैनाती है। ग्रामीणों की शिकायत पर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
गंदगी से फैल रही बीमारियां
ग्राम पंचायत महराजगंज तराई में लगे कूड़े के ढेर के चलते संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। बाजारवासी शिव सिंह, अब्दुल्ला व बड़कऊ ने बताया कि सफाईकर्मी की तैनाती है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन आज तक कोई सफाई करने नहीं आया है। वहीं कोहरौड़ा उदयभान, राम समुझ, ननके व जोगी ने बताया कि सफाईकर्मी की तैनाती होने के बावजूद वह कभी गांव में सफाई करने नहीं आते हैं।
कराई जाएगी जांच
सीडीओ हिमांशु गुप्ता का कहना है कि गांवों में तैनात सफाईकर्मियों को नियमित कार्यस्थल पर जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान अनुपस्थिति मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।