बलरामपुर। जिले की तीनों गन्ना विकास समितियों में 30 सितंबर को नाम वापसी के बाद डेलीगेट की सीटाें पर लड़ाई की तस्वीर साफ हो जाएगी। एक से अधिक दावेदारों वाली सीटों पर सिंबल अलॉट किए जाएंगे। तीन अक्तूबर को मतदान के बाद मतगणना कराकर निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जिला सहकारी निर्वाचन अधिकारी/डीएम पवन अग्रवाल के निर्देश पर रविवार को विकास भवन स्थित एआर कोऑपरेटिव कार्यालय में बैठक की गई। सहायक जिला सहकारी निर्वाचन अधिकारी/एआर कोऑपरेटिव अमरेश मणि तिवारी ने तीनों गन्ना विकास समितियों के सचिवों के साथ बैठक करके डेलीगेट निर्वाचन के संबंध में रणनीति तैयार की। जिले की तीनाें गन्ना विकास समितियों में 2192 डेलीगेट सीटों के सापेक्ष 1764 दावेदारों के पर्चे जांच के दौरान वैध पाए गए हैं।
सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति बलरामपुर/उतरौला अविनाश सिंह ने बताया कि बलरामपुर गन्ना विकास समिति में 1169 डेलीगेट पदों के सापेक्ष 1053 और उतरौला गन्ना विकास समिति में 314 डेलीगेट पदों के सापेक्ष 323 दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। गन्ना विकास समिति बलरामपुर में 61 व उतरौला में 21 नामांकन पत्र खारिज हो गए हैं। बलरामपुर में 992 एवं उतरौला में 302 दावेदारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं।
गन्ना विकास समिति तुलसीपुर के सचिव रवींद्र ने बताया कि 709 सीटों पर 554 लोगों ने नामांकन पत्र भरे थे। जांच के दौरान 84 दावेदारों के नामांकन पत्र खारिज हो गए। 470 नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। 30 सितंबर को नाम वापसी के बाद एक से अधिक दावेदार होने पर वहां तीन अक्तूबर को मतदान कराने के बाद उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी।