बलरामपुर नगर में पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग ।-स्रोत: संगठन
बलरामपुर। यूजीसी के नए प्रावधानों के समर्थन में बुधवार को दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने नगर में भ्रमण कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर यूजीसी अध्यादेश के समर्थन में नारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे।
नगर भ्रमण के उपरांत सभी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी अध्यादेश उच्च शिक्षण संस्थानों में समता, समानता और सामाजिक समावेशन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। अध्यादेश लागू होने के बाद कुछ जातिवादी और संकीर्ण सोच वाले लोग इसका विरोध कर रहे हैं, जो संविधान की भावना के विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व उच्च शिक्षण संस्थानों में समता आधारित व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्धन के लिए यूजीसी विनियम-26 को यथावत रखते हुए प्रभावी रूप से लागू किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कुलपति एवं उपकुलपति जैसे पदों पर नियुक्ति दिए जाने की भी मांग की। इस अवसर पर पूजाराम सोनकर, अजय मौर्या, संजीव पटेल, भरत लाल, नंदकिशोर, राहुल यादव, विकास मौर्या व मोतीलाल आदि मौजूद रहे।