बलरामपुर। बदलता मौसम लोगों को बीमार बना रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ सर्दी-खांसी और बुखार आदि की शिकायतें लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में 10 फीसदी तक इजाफा हुआ है। चिकित्सकों ने इस मौसम में एहतियात बरतने की हिदायत दी है।
संयुक्त जिला अस्पताल में सोमवार की सुबह से ही मरीजों की कतार लगी रही। आमतौर जहां अस्पताल की ओपीडी में 400 मरीज पहुंचते थे, वहीं सोमवार को 800 मरीजों ने इलाज कराया। इसमें सबसे ज्यादा मरीज मौसम जनित बीमारियों के रहे। बुखार से पीड़ित करीब 300 लोग अस्पताल पहुंचे।
संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राज कुमार वर्मा का कहना है कि मौसम बदलने के कारण मरीजों में इजाफा हुआ है। इस मौसम में लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचने का प्रयास करें। सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि मौसम जनित बीमारियों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ठंडा पानी और आइसक्रीम का न करें सेवन
सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्र ने बताया कि दिन में चटख धूप और रात में ठंड की वजह से लोग सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार आदि की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एसी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। रात को सोते समय पंखे की भी स्पीड कम रखें। चादर ओढ़कर ही सोएं। कोल्डड्रिंक, ठंडा पानी और आइसक्रीम के सेवन से बचें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। डेंगू, मलेरिया का भी प्रकोप अभी कम नहीं हुआ है। जरा सी भी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है।
बच्चों का रखे विशेष ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मलिक आलमगीर ने कहा कि इस समय वायरल का प्रकोप अधिक है। बड़ी संख्या में बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। परिजनों को बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बच्चों को बुखार आने पर चिकित्सकों की सलाह पर ही दवा दें। यदि 4 से 5 दिन में भी बुखार नहीं उतरता है तो डेंगू और सीबीसी की जांच जरूर करा लें। बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। बच्चों को कोल्डड्रिंक, आइसक्रीम और ठंडा पानी न पीने दें।