बलरामपुर। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर संयुक्त जिला चिकित्सालय में कार्यरत 10 डॉक्टरों की संबद्धता समाप्त कर मूल तैनाती वाले अस्पतालों में बुला लिया गया है। डॉक्टरों की संबद्धता खत्म होने केे कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी बंद हो गई है। ओपीडी बंद होने से मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकने को विवश होना पड़ रहा है।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने हाल ही में सभी संबद्ध चिकित्सकों को मूल तैनाती वाले स्थान पर भेजने का आदेश जारी किया था। मंत्री के निर्देश पर सीएमओ ने 14 जून को जिला संयुक्त चिकित्सालय, जिला मेमोरियल चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस को अस्पताल में संबद्ध सभी डॉक्टरों को रिलीव करने का आदेश दिया।
सीएमओ के निर्देश पर जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. नानक सरन ने अस्पताल में संबद्ध फिजीशियन डॉ. गिरधर चौहान, डॉ. मेहताब आलम, महिला सर्जन डॉ. नगमा, डॉ. रश्मि यादव, निश्चेतक डॉ. नसीम असलम अंसारी, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद सिद्दीक, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश वर्मा, डॉ. सुधीर बरनवाल, डॉ. उमर फारुख व डॉ. एके कौशल को रिलीव कर दिया।
सीएमएस ने बताया कि इन 10 डॉक्टरों को रिलीव करने के बाद संयुक्त जिला चिकित्सालय में मात्र 8 डॉक्टर बचे है। इन 8 डॉक्टरों में से चार डॉक्टरों को इमरजेंसी वार्ड, दो डॉक्टरों को कोविड टीकाकरण, एक डॉक्टर को फ्लू क्लीनिक एवं एक डॉक्टर को कोविड लेवल-2 हॉस्पिटल के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद है। ओपीडी का संचालन शुरु करने के लिए डॉक्टरों के तैनाती की मांग उच्चाधिकारियों से की गई है।