बलरामपुर। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का सरकारी दावा जिले में हवा-हवाई साबित हो रहा है। संयुक्त जिला चिकित्सालय 35 के स्थान पर मात्र 10 डॉक्टरों के सहारे संचालित किया जा रहा है। सर्जन सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
जिले की करीब 28 लाख आबादी को बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए बलरामपुर में तीन जिला चिकित्सालय संचालित हैं, लेकिन कहीं भी स्वीकृत पद के सापेक्ष डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों के 35 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां पर मात्र 10 डॉक्टर ही तैनात हैं। इनमें एक पैथोलॉजिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक नेत्र सर्जन, एक आर्थोपैडिक सर्जन, दो बाल रोग विशेषज्ञ, एक फिजिशियन और दो ईएमओ शामिल हैं। अस्पताल में सामान्य सर्जन, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक की तैनाती न होने के कारण मरीजों को समुचित इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। निश्चेतक और सर्जन के अभाव में यहां तीन माह से ऑपरेशन ठप हैं। ऑपरेशन न हो पाने के कारण जहां संस्थागत प्रसव प्रभावित हो रहा है, वहीं दुर्घटना के शिकार मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता है।
उच्चाधिकारियों को लिखा गया है पत्र
अस्पताल आने वाले मरीजों को समुचित इलाज का लाभ मिले, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। अस्पताल में सर्जन, हृदय रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक औ प्रसूति रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
डॉ. आरके वर्मा, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय, बलरामपुर