बलरामपुर। आदमखोर तेंदुए को पकड़ने में जुटी वन विभाग की टीम हांफने लगी है। रविवार को बेलवा नाले के पास तेंदुए के पद चिह्न मिलने के बाद नाले में पिंजरा लगाकर बकरी बांधी गई है। वहीं नाले के पास जौनपुर से आए ट्रैंकुलाइजर गन के विशेषज्ञों की टीम मुस्तैद है। ताकि तेंदुआ दिखे तो उसे इंजेक्शन देकर बेहोश किया जा सका। वहीं तेंदुए के न पकड़े जाने से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।
लालनगर सिपहिया के बाद बेलवा में तेंदुए के आतंक से लोगों की सांसें अटकी हैं। शाम होते ही गावों में सन्नाटा पसर जाता है। तुलसीपुर के कौव्वापुर के साथ ही हरिहरगंज तक तेंदुए की आमद का शोर पूरे दिन रहा। फिलहाल वन विभाग का दावा है कि तेंदुआ बेलवा में ही है। उसके निशान मिले हैं और पूरी टीम वहीं पर लगी है। जौनपुर से आए एक्सपर्ट डॉ. आरके सिंह कहते हैं कि तेंदुआ दिखने पर ही निशाना बनाया जा सकेगा। टीम लगी है, शाम पांच बजे के बाद ही तेंदुए के बाहर आने का समय माना जा रहा है। वहीं वन विभाग की एक टीम लगातार कॉम्बिंग कर रही है।
15 दिनों से चकमा दे रहा है तेंदुआ
तेंदुआ बीते 15 दिनों से वन विभाग की टीम को चकमा दे रहा है। बीते चार नवंबर को तेंदुआ लालनगर सिपाहिया में तीन वर्षीय वंदनी को उसकी मां की गोद से छीन ले गया था। बाद में मासूम के अवशेष ही मिले थे। तभी से वन विभाग सक्रिय हुआ। तेंदुए ने घेराबंदी के बाद भी छह वर्षीय अरुण और फिर 11 नवंबर को बेलवा गांव के सात वर्षीय विकास को निवाला बनाया। इसके बाद शासन से टीम भेजी गई और अब दोनों गावों में पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन तेंदुआ रास्ता बदलकर हमले कर रहा है।
लगी रही टीम और तेंदुआ उठा ले गया कुत्ता
बेलवा गांव में एक तरफ तो वन विभाग की टीम तेंदुए की घेराबंदी में लगी रही। वहीं शनिवार की रात नौ बजे के करीब मुरली तिवारी के पालतू कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया और निवाला बना लिया। गांव के विद्याराम चौहान, जोखू मौर्य का कहना है कि तेंदुआ आसपास ही है। गांव में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन तेंदुआ इनकी जद में नहीं आ पा रहा।
पदचिह्न के हिसाब से की गई है व्यवस्था
तेंदुए को पकड़ने के लिए बेलवा नाले में भी पिंजरा लगाया गया है। इसके अलावा विशेषज्ञों की टीम लगा दी गई है। पदचिह्न मिले हैं, उसी के हिसाब से व्यवस्था की गई है।
- डॉ. एम. सेम्ममारन, डीएफओ