बलरामपुर। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर के 22 राजकीय स्कूलों में कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन क्लास चलाई जाएंगी। वर्चुअल बैठक में राजकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों व हेडमास्टरों को ऑनलाइन क्लास चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजकीय स्कूलों के सभी शिक्षकों को कक्षा छह, नौ व 11 में छात्र-छात्राओं का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है। सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने का सुझाव दिया गया है। कार्यशाला से अनुपस्थित प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों से जवाब तलब किया गया है।
डीआईओएस गोविन्द राम ने सोमवार को बताया कि उनकी अध्यक्षता में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर के जिले के 22 राजकीय स्कूलों के सभी प्रधानाचार्यों, हेडमास्टरों व शिक्षकों के साथ कोरोना काल में शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतियों व समाधान विषय पर तीन सत्रों में वर्चुअल कार्यशाला की गई।
प्रथम पाली में चार और द्वितीय व तृतीय पाली में नौ-नौ राजकीय स्कूलों के प्रधानाचार्य, हेडमास्टर व शिक्षक वर्चुअल कार्यशाला में शामिल हुए। डीआईओएस ने सभी को निर्देश दिया कि कोरोना महामारी के दौर में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो इसके लिए व्हाट्एसप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन क्लास चलाएं।
व्हाट्सएप ग्रुप में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी जोड़ें जिससे कोई भी विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित न रहें। वर्चुअल कार्यशाला से अनुपस्थित प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों से जवाब तलब किया गया है जिन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यशाला के संयोजक व संचालक शिक्षक आशीष कुमार वर्मा ने बताया कि वर्चुअल कार्यशाला प्रथम सत्र में राजकीय इंटर कालेज दारीचौरा, बालिका इंटर कालेज उतरौला, गैसड़ी व इटईरामपुर के सभी स्टाफ शामिल हुए। द्वितीय सत्र में राकीय हाईस्कूल बघेलखंड, बहादुरगंज, चमरुपुर, मिर्जापुर, देवरिया मुबारकपुर, महराजगंज तराई, मधवाजोत व देवरिया जंगली की कार्यशाला हुई।
तीसरे सत्र में राजकीय हाईस्कूल रुधौली बुजुर्ग, छपिया सुखरामपुर, रामगढ़ मैटहवा, शिवपुर महंथ, सहजौरा, हरहटा, रमनगरा, चकवा व विराहिमपुर के स्टाफ वर्चुअल कार्यशाला में जोड़े गए।
राजकीय हाईस्कूल मधवाजोत के प्रधानाध्यापक डॉ. चंदन कुमार पांडेय ने राजकीय स्कूलों में कक्षा छह, नौ व 11 में अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने का सुझाव दिया। प्रधानाचार्य विनय मोहन त्रिपाठी, जितेंद्र यादव, कांति, उमेश पांडेय, विनोद कुमार, शहनाज अमीन, रक्षा शुक्ला व हफीर्जरहमान ने अपने सुझाव दिए। कार्यशाला में राजकीय स्कूलों के शिक्षकों ने भी शामिल होकर अपना पक्ष रखा।