तुलसीपुर (बलरामपुर)। 15 न्याय पंचायतों के 65 हजार पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी महज एक पशु चिकित्सक पर है। इस पशु चिकित्सक को दो पशु चिकित्सालयों व क्षेत्र की गोशालाओं का नोडल भी बनाया गया है। पशु चिकित्सालय तुलसीपुर में केवल एक फार्मासिस्ट व एक चतुर्थश्रेणी कर्मी की ही तैनाती होने से पशुओं का इलाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
पशु चिकित्साधिकारी तुलसीपुर पर तीन स्थायी गोशालाओं परसपुर करौंदा, विशुनपुर खैरहनिया व देवीपाटन सहित पांच अस्थाई गोशालाओं में मौजूद करीब पांच हजार पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी है। इसके अलावा 15 न्याय पंचायतों के करीब 65 हजार पशुओं के उपचार की भी जिम्मेदारी भी इनपर ही है।
पशु चिकित्सक डॉ. सुमित श्रीवास्तव को पशु चिकित्सालय कौवापुर व पशु चिकित्सालय तुलसीपुर के अलावा क्षेत्र के सभी गोशालाओं का नोडल बनाया गया है। पशु अस्पताल का भवन भी जर्जर हो चुका है। चिकित्सालय में बने कर्मचारियों के आवास को पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। फार्मासिस्ट ने बताया कि अस्पताल के बाउंड्रीवॉल में गेट न होने के कारण छुट्टा मवेशी परिसर में घुस आते हैं। इस संबंध में पशु चिकित्सक डॉ. सुमित श्रीवास्तव ने बताया कर्मचारियों की कमी होने के कारण पशुओं के इलाज में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाउंड्रीवॉल में गेट लगाए जाने और कर्मचारियों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।