रेहराबाजार। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं। रेहरा विकास खंड में संचालित चार ऑनव्हील कैंटीन न केवल महिलाओं की आय का सशक्त माध्यम बनी हैं, बल्कि उन्होंने चार अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।
महेक स्वयं सहायता समूह इटवा की गायत्री, शिवा स्वयं सहायता समूह जुवारा की मोहिनी देवी, एकता स्वयं सहायता समूह दतलूपुर की जगपतादेवी और श्रीराम स्वयं सहायता समूह की महिला संचालक ने बताया कि समूह से मिली 20 हजार रुपये की सहायता से उन्होंने मोबाइल फास्ट फूड कैंटीन शुरू की। इन कैंटीनों पर चाऊमीन, छोला-भटूरा, मोमोज, मंचूरियन, बर्गर तथा मोटे अनाजों से बने पौष्टिक सूप सहित ताजा नाश्ता तैयार कर रेहराबाजार, नया नगर, घासीपोखरा, जुवारा, बंजरिया हुसैन, बूढ़ीपुर, सराय खास, दतलूपुर, छितलूपुर, घोघरा और कंछर समेत कई गांवों में बिक्री की जाती है। इस पहल से सुनीता, मनीषा देवी, आरती और काजल को भी रोजगार मिला है।
प्रतिदिन एक हजार रुपये तक की बचत
खंड विकास अधिकारी सौरभ पांडे, बीएमएम अर्जुन सिंह तथा ओंकार वर्मा ने बताया कि प्रत्येक ऑनव्हील कैंटीन पर प्रतिदिन दो से ढाई हजार रुपये तक की बिक्री होती है। लागत और मजदूरी निकालने के बाद करीब एक हजार से बारह सौ रुपये तक की शुद्ध बचत हो जाती है। बीडीओ सौरभ पांडे और एडीओ पंचायत इरफान उल्ला खां ने बताया कि वर्तमान में विकास खंड में चार ऑनव्हील कैंटीन संचालित हैं। महिलाओं की बढ़ती रुचि और सफलता को देखते हुए जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।